लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में नौ वर्ष पूर्व अपने मकान पर कब्जा करने और पुलिस के मदद न किए जाने से क्षुब्ध राम टोला खरिका निवासी विजय कुमार गुरुवार सुबह पांच बजे वृंदावन सेक्टर-5 की पानी की टंकी पर चढ़कर कूद जाने की धमकी देने लगा। विजय कमिश्नर को मौके पर बुलाए जाने की मांग कर रहा था।
लगभग डेढ़ घंटे तक तेलीबाग चौकी प्रभारी रिकेश कुमार उसे समझाते रहे कि वह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इसी दौरान कोतवाल पीजीआई केके मिश्रा टीम के साथ पहुंचे और समझाया। स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी उससे फोन पर बात की तब जाकर वह नीचे उतरा और उसने पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया। कोतवाल केके मिश्रा ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान विजय कुमार कभी भी अपनी शिकायत लेकर थाने नहीं आया। आज प्रार्थनापत्र ले लिया गया है और जांच की जा रही है।
नौ साल तक लगाए अफसरों के चक्कर
विजय कुमार निजी सिलाई का कार्य करके परिवार का भरण पोषण करता है। उसकी पत्नी सरोज रावत व दो लड़कियां हैं मिताली व डॉली। विजय ने बताया 2011 में पुलिस के सहयोग से प्रभु दयाल ने उसका मकान खाली करवा लिया और मारपीट कर घर से खदेड़ दिया। प्रभु दयाल ने फर्जी तरीके से उसकी मां गंगा देवी से 2008 में रजिस्ट्री कराए जाने की बात की जो गलत है।