खरौली में अपने पिता के साथ भोजन करता जोगी बना युवक।
- फोटो : amar ujala
22 साल बाद जोगी बनकर घर लौटे बेटे की वापसी के लिए पिता अब अपने खेत को गिरवी रखने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, भंडारा कराने के बाद ही जोगी बने युवक की घर वापसी होगी। इसके लिए तीन लाख 60 हजार रुपये की व्यवस्था करने में परिजन जुटे हुए हैं।
साधु से मुलाकात के बाद बदल गई जिंदगी
जोगी बने युवक के माता-पिता।
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रतीपाल ने बताया की 11 साल के उम्र में गायब हुए पिंकू की मुलाकात दिल्ली में किसी साधु से हो गई थी। इसके बाद वह उन लोगों के साथ संन्यासी का जीवन बिताने लगा। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह अपने घर भिक्षा लेने के लिए पहुंचा था।
भंडारे में भाग लेंगे तीन हजार साधु
युवक के घर पहुंचने पर इकट्ठा हुए ग्रामीण।
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पिता रतीपाल ने बताया कि बेटे की घर वापसी के लिए गोरखपुर में भंडारा कराना होगा। इसमें तीन हजार साधु हिस्सा लेंगे। प्रति साधु की दक्षिणा व भोजन पर 360 रुपये के हिसाब से दस लाख 80 हजार रुपये की आवश्यकता है। बताया कि काफी मिन्नत के बाद अब तीन लाख 60 हजार रुपये देने पर बेटे की वापसी की बात पर सहमति बनी है। इस रकम के लिए पिता खेत को गिरवी रखने की तैयारी कर रहा है।