फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi: 22 साल बाद जोगी बनकर लौटा गायब हुआ बेटा, प्राण प्रतिष्ठा के बाद भिक्षा लेने आया, अब घर वापसी की तैयारी

Tue, 06 Feb 2024 06:01 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी

सार

अमेठी में 22 साल पहले गायब हुआ बेटा जोगी बनकर भिक्षा मांगने पहुंचा तो उसकी पहचान चोट के निशान से हुई। अब उसकी घर वापसी की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
खरौली में अपने पिता के साथ भोजन करता जोगी बना युवक। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

22 साल बाद जोगी बनकर घर लौटे बेटे की वापसी के लिए पिता अब अपने खेत को गिरवी रखने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, भंडारा कराने के बाद ही जोगी बने युवक की घर वापसी होगी। इसके लिए तीन लाख 60 हजार रुपये की व्यवस्था करने में परिजन जुटे हुए हैं।

विज्ञापन


खरौली गांव के रतीपाल दिल्ली में काम करते हैं। वर्ष 2002 फरवरी में उनका बेटा पिंकू गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी उसकी तलाश नहीं की जा सकी। इसका मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। 27 जनवरी को सारांगी बजाते हुए जोगी के वेश में गांव पहुंचे युवक ने चाचा व गांव के अन्य लोगों से अपनी पहचान बताई। इसके बाद गांव वालों ने उसके पिता को मामले की जानकारी दी।

ये भी पढ़ें - 11 फरवरी को अयोध्या दर्शन के लिए जाएंगे यूपी के विधायक, सपा विधायक ने मस्जिद की भूमि देखने का किया अनुरोध
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी बजट सत्र: शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर बेसिक शिक्षा मंत्री बोले- कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार लेंगे निर्णय


जानकारी पाकर गांव पहुंचे रतीपाल ने बेटे से मुलाकात की। उसके पेट पर चोट का निशान देख उसकी पहचान पिंकू के तौर पर हुई। परिजनों ने उसकी घर वापसी के लिए काफी प्रयास किए। लेकिन, वह पिता से मिलने के बाद गांव से मिली भिक्षा को लेकर चला गया। उसके साथ बनी गांव निवासी संतोष सिंह भी जोगी के वेश में था। बताया जाता है कि वह भी सात सात पहले गायब हुआ था। अब उसके परिजन भी उससे संपर्क करने में लगे हुए हैं। चाचा फौजदार ने बताया कि फोटो से पहचान की गई है, घर वापसी के लिए प्रयास किया जा रहा है।

साधु से मुलाकात के बाद बदल गई जिंदगी

जोगी बने युवक के माता-पिता। - फोटो : amar ujala
रतीपाल ने बताया की 11 साल के उम्र में गायब हुए पिंकू की मुलाकात दिल्ली में किसी साधु से हो गई थी। इसके बाद वह उन लोगों के साथ संन्यासी का जीवन बिताने लगा। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह अपने घर भिक्षा लेने के लिए पहुंचा था।
विज्ञापन

भंडारे में भाग लेंगे तीन हजार साधु

युवक के घर पहुंचने पर इकट्ठा हुए ग्रामीण। - फोटो : amar ujala
पिता रतीपाल ने बताया कि बेटे की घर वापसी के लिए गोरखपुर में भंडारा कराना होगा। इसमें तीन हजार साधु हिस्सा लेंगे। प्रति साधु की दक्षिणा व भोजन पर 360 रुपये के हिसाब से दस लाख 80 हजार रुपये की आवश्यकता है। बताया कि काफी मिन्नत के बाद अब तीन लाख 60 हजार रुपये देने पर बेटे की वापसी की बात पर सहमति बनी है। इस रकम के लिए पिता खेत को गिरवी रखने की तैयारी कर रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें