अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने की प्रेसवार्ता।
लखनऊ। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने शनिवार को हजरतगंज स्थित प्रेस क्लब मे प्रेसवार्ता कर दावा किया कि आज 3 रुपये की सुई बाजार में 30 रुपये में, 25 हजार का पेसमेकर 2 लाख में, 4 लाख का हार्टवाॅल्व 26 लाख में और 5-16 रुपये वाला स्टॉपकॉक 95-136 रुपये की खुदरा कीमत पर बेची जा रही है।
पंचायत के राष्ट्रीय पर्यावरण आयाम प्रमुख डॉ. प्रमोद पांडेय, प्रांतीय अध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि कानून में यह कहीं तय नहीं है कि अधिकतम खुदरा मूल्य क्या हो सकता है। इसलिए उत्पादक, फुटकर व थोक व्यापारी और एजेंट अपने अनुसार एमआरपी तय कर रहे हैं। दवाएंं लागत से 100 गुना एमआरपी की होती है, जिससे उन पर 80 प्रतिशत तक छूट के विज्ञापन सामने आते हैं। मेडिकल उपकरणों की कीमत लागत से 25 गुना अधिक होती है। ऐसे में उपभोक्ता अपनी आय का बड़ा हिस्सा कंपनियों को सौंप रहे हैं। इसलिए हमारी मांग है कि एक ऐसा कानून बने जो एमआरपी को उपभोक्ताओं के लिए अधिक सार्थक और लाभकारी बनाए। स्वतंत्र प्राधिकरण या बोर्ड का गठन हो जिसके पास नियम तय करने, आदेश जारी करने और अधिकतम खुदरा मूल्य के प्रतिकूल प्रभावों को समाप्त करने के अधिकार हो। मौजूदा कानूनों में आवश्यक संशोधन किए जाएं और उनके उल्लंघन पर सजा का एलान हो। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष ओंकार पांडेय, प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. राम प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।