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बन गया भारत को हिंदुत्व में रंगने का प्लान!

Mon, 21 Jul 2014 12:55 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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पीएम की गद्दी पर मोदी के सवार होते ही हिंदू जागरण मंच भी हिंदुत्व के एजेंडे को धार में देने में जुट गया है।
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रविवार को लखनऊ में देश के इस बड़े संगठन की एक बैठक में कई फैसले किए गए।

इनमें हिंदू आस्था एवं भारतीय संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर जनजागरण करना शामिल है। इसके लिए प्रदेश में पांच लाख राष्ट्र रक्षकों की भर्ती करने का भी निर्णय किया गया।

अगस्त में अखंड भारत संकल्प सप्ताह

इसके तहत नवंबर में अभियान चलेगा। इसके अलावा अन्य कई कार्यक्रम भी तय किए गए। कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग के लिए शिविर लगाए जाएंगे।

इसके अलावा मंच ने 14 से 21 अगस्त तक अखंड भारत संकल्प सप्ताह मनाने का निर्णय किया है।

इसके तहत प्रत्येक जिले में कार्यक्रम और गोष्ठियों में लोगों को अखंड भारत का संकल्प दिलाया जाएगा। प्रदेश संगठन मंत्री शिवकुमार ने बताया कि सरकार मठ मन्दिरों का निजीकरण कर रही है।

इसके खिलाफ मंच दिसंबर में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करेगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी संगठन को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है।

नदियों के लिए होगा खास काम

हिंदू जागरण मंच मोदी के ही एजेंडे पर काम करेगा। मोदी नदियों की निर्मलता की वकालत करते रहे हैं, तो नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता भी नदियों के किनारे बसे गांवों में जनजागरण अभियान चलाएंगे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक शिव नारायण, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री कमलेश व प्रदेश अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह भी बैठक में शामिल थे।
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'तकनीकी शिक्षा बदहाल, सरकार नींद में'

भाजपा ने प्रदेश की तकनीकी शिक्षा की बदहाली पर सवाल उठाया है। पार्टी प्रवक्ता डा. मनोज मिश्र ने कहा है कि तकनीकी विश्वविद्यालय से लेकर कालेजों तक के हालात ठीक नहीं हैं। पर, सरकार इतनी बड़ी समस्या से बेखबर है।

पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के लिए जिम्मेदार विश्वविद्यालय राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। कुलपति और रजिस्ट्रार का संघर्ष अखबारों की सुर्खियां बना हुआ है। प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठिति एचबीटीआई में पिछले दो साल से नियमित निदेशक नही है।

कई अन्य संस्थानों का भी यही हाल है। प्रदेश के कुछ इंजीनियरिंग कालेजों में जहां एडमीशन का बहुत दबाव है वहीं 70-80 प्रतिशत कालेजों की सीटें खाली हैं।
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