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Lucknow News: एनओसी के बाद बढ़ी रैपिड रेल प्रोजेक्ट की तैयारी, बनेगी हाईपावर कमेटी

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लखनऊ। कानपुर और लखनऊ के बीच 160 किमी की रफ्तार से रैपिड रेल फाइलों से निकालकर धरातल पर दौड़ाने की कवायद शुरू हो गई है। करीब 67 किमी के रूट में छह स्टेशन आएंगे। योजना परवान चढ़ और उसकी राह में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए शासन हाईपावर कमेटी बनाएगा। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर और उन्नाव के अधिकारियों की भी एक समन्वय समिति बनाई जाएगी। नमो भारत रेल कॉरिडोर योजना के तहत इस प्रोजेक्ट पर काम होगा।एलडीए से एनओसी मिलने के बाद नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने आगे की प्रक्रिया पर काम शुरू कर दिया है। इस सम्बंध में कंपनी के प्रतिनिधि सोमवार को लखनऊ आ रहे हैं। रैपिड रेल परियोजना को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण, उन्नाव विकास प्राधिकरण व कानपुर विकास प्राधिकरण के अफसरों की एक मॉनीटरिंग कमेटी बनाने का काम शुरू हो गया है।
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लखनऊ के सभी मुख्य क्षेत्रों से अमौसी तक मेट्रो संपर्क से आवाजाही आसान होगी। भविष्य में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड के क्षेत्रों से भी रैपिड रेल जुड़ जाएगी। इससे प्रतिदिन आवाजाही वाले हजारों लोगों को आसानी होगी।
रेल रूट का यह है प्रस्ताव
पूर्व में प्रस्तावित मानचित्र के अनुसार प्राथमिक स्तर पर लखनऊ के अमौसी से बनी तक सड़क के समानांतर, बनी से उन्नाव के जैतीपुर तक नया मार्ग विकसित करके और फिर कानपुर-लखनऊ रेल ट्रैक के समानांतर अजगैन, उन्नाव, मगरवारा होकर गंगा बैराज रैपिड रेल का अंतिम पड़ाव होगा।
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यह होंगे छह स्टेशन
कानपुर, उन्नाव, बसीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा टाउन, लखनऊ
एनसीआरटीसी को अनापत्ति दे दी गई है। यह शर्त रखी गई कि कि रैपिड रेल की परियोजना से महायोजना प्रभावित नहीं की जाएगी। यह अमौसी मेट्रो से कानपुर मेट्रो तक जुडेगी। अब तीनों विकास प्राधिकरणों के बीच मॉनीटरिंग कमेटी बनेगी।
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केके गौतम, नगर नियोजक एलडीए
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