दीवाली के एक दिन पहले धनतेरस के दिन पुलिस की कार्यशैली के कारण एक युवती को अपनी जान देनी पड़ी। शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने पर युवती ने आत्महत्या कर ली। अब पुलिस पूरे मामले को मैनेज करने की कोशिश में लग गई है।
गोंडा जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवती से गांव के ही कुछ शोहदे छेड़छाड़ कर रहे थे। युवती ने पूरी बात अपनी मां से बताई। मां ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो पुलिस मनचलों को थाने ले गई और फिर छोड़ दिया। शोहदों ने वापस लौटकर युवती व उसकी मां को धमकाया और फिर छेड़खानी की।
शिकायत करने पर पुलिस ने केवल 151 में चालान कर दिया। आहत युवती ने अपनी मां को जानकारी दी और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पाकर मौके पर पहुंची कौड़िया पुलिस ने कानून की जानकारी न होने का हवाला देकर गांव वालों को समझाने का प्रयास किया। अब पुलिस पूरे मामले को रफादफा करने का प्रयास कर रही है।
मृतका की मां ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु कई वर्ष पहले ही हो चुकी है। घर में मां-बेटी ही रहते थे। बाकी बच्चे छोटे हैं। शोहदों से तंग आकर उसने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी पर पुलिस ने कार्रवाही के नाम पर हीलाहवाली की जिससे शोहदों का मन बढ़ता गया और शनिवार की सुबह शौच से वापस आते समय युवती से फिर छेड़छाड़ की जिससे तंग आकर युवती ने अपनी जान दे दी।
प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतका की मां ने दो पर परेशान करने का आरोप लगाया है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।