आरोपी मारूफ व धैर्य। स्रोत ः एसटीएफ
लखनऊ। एसटीएफ ने डार्क वेब और टेलीग्राम एप के माध्यम से फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। गिरोह अमेजन पे व अमेजन पे-लेटर के ग्राहकों का डाटा हासिल कर टेलीग्राम बॉट की सहायता से जालसाजी करता था। एसटीएफ ने दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश कर रही है।
एसटीएफ के सीओ दीपक कुमार सिंह ने बताया कि ठग अमेजन के ग्राहकों का अकाउंट हैक कर लेते थे। इसके बाद ऑनलाइन शापिंग एप के जरिये खरीदारी कर करोड़ों रुपये पार कर देते थे। गिरफ्तार आरोपियों में अलीगंज के चांदगंज निवासी धैर्य वर्मा और सूरत के रानी तालाब निवासी मारूफ आसिफ कासमानी है। दोनों के पास से बड़ी मात्रा में प्रोटीन पाउडर के डिब्बे बरामद किए गए हैं।
आरोपी अमेजन एप पर मूल खाताधारकों का नाम, पता व मोबाइल नंबर बदलकर अमेजन पे अकाउंट से खरीदारी करके सामान अपने पते पर मंगा लेते थे। फिर उस सामान को सस्ते दाम पर लोगों को बेच देते थे। पूछताछ में धैर्य ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग एप टेलीग्राम ग्रुप के जरिये उसकी मुलाकात कोनन, मारूफ व नितिन से हुई थी। सभी पहले पबजी हैक्ड गेम कोड खरीदकर बेचते थे। लालच बढ़ने पर डार्क वेब व टेलीग्राम एप से ग्राहकों का डाटा हासिल कर ठगी करने लगे। टेलीग्राम बॉट के माध्यम से आरोपी ग्राहकों को कम्प्यूटराइज्ड कॉल कराके ओटीपी हासिल कर लेते थे। शनिवार को भी फर्जीवाड़ कर मंगाए गए सामान को बेचने निकले थे। आरोपियों के खिलाफ बीबीडी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।