रायबरेली। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पर लगे आरोपों की जांच के लिए सोमवार को अधिवक्ता भवन में वकीलों की बैठक हुई। इसमें पीड़ित वकीलों को भी बुलाया गया, लेकिन बैठक में सिर्फ एक अधिवक्ता पहुंचे। उन्होंने कोई समस्या होने से इंकार कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ताओं की पांच सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू कराई गईं है।
बैठक तहसील बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को बुलाई थी। एसोसिएशन के संयुक्त मंत्री गिरीशचंद्र द्विवेदी, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य विमल शुक्ला, मनोज कुमार शुक्ला, कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य शुभम मिश्र व राकेश कुमार पांडेय सहित पांच वकीलों ने अध्यक्ष पर दुर्व्यवहार व अधिवक्ताओं के मामलों में सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए त्यागपत्र दिया था। इसकी जांच के लिए अधिवक्ता भवन में तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की बैठक बुलाई गई। इसमें त्यागपत्र देने वाले पांच अधिवक्ता बैठक में नहीं पहुंचे। सिर्फ शुभम मिश्र बैठक में शामिल हुए। उन्होंने समस्या होने की बात से इंकार कर सिर्फ संयुक्त मंत्री के सहयोग में त्यागपत्र देने की बात कही।
इसके बाद एसोसिएशन के पांच वरिष्ठ अधिवक्ताओं सीके शुक्ला, रामजीत सिंह, राकेशचंद्र उपाध्याय, आरपी यादव, दिनेशचंद्र त्रिपाठी की टीम गठित की गई। टीम को तीन दिन में रिपोर्ट देनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए 28 जुलाई को बैठक बुलाई गई है। अध्यक्ष शिवगोपाल सिंह ने बताया कि बैठक में त्यागपत्र पत्र देने वालों में सिर्फ एक अधिवक्ता पहुंचे, लेकिन उन्होंने समस्या होने से इंकार कर दिया है। पांच सदस्यीय जांच समिति मामले की जांच करेगी। उसके बाद कोई निर्णय होगा।