लखनऊ। मजलिस-ए-उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने हुसैनाबाद ट्रस्ट में वित्तीय अपारदर्शिता का गंभीर आरोप लगाते हुए बताया है कि आरटीआई के एक मामले में आरटीआई अदालत ने ट्रस्ट की मासिक आय-व्यय की जानकारी न देने पर डीएम कार्यालय के जनसूचना अधिकारी एवं अपर नगर मजिस्ट्रेट पवन कुमार जायसवाल पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। मौलाना जवाद ने इसे बड़ी सफलता बताया और कहा कि वह ट्रस्ट के पूरे हिसाब-किताब की मांग करेंगे।
चौक स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए मौलाना जवाद ने बताया कि आरटीआई एक्टिविस्ट मोहम्मद हैदर ने ट्रस्ट से संबंधित कई महत्वपूर्ण सूचनाएं मांगी थीं। इनमें मासिक आय-व्यय, वक्फ संपत्तियों का विवरण, 90 साल की लीज पर दी गई जमीनों की प्रतियां और हुसैनाबाद घंटाघर की मूल घड़ी की स्थिति शामिल थी।
मौलाना जवाद ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी कार्यालय ने इन सवालों का जवाब देने से बचने के लिए ट्रस्ट को एक स्वयंसेवी संस्था बताया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की कई कीमती चीजें गायब हैं, लेकिन इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि आरटीआई अदालत की अगली सुनवाई में और भी कई बातें सामने आएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रेसवार्ता करते कल्बे जवाद।