बेटे को विदेश भेजकर घर लौट रहे पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा आगरा–लखनऊ एक्सप्रेस-वे स्थित रेवरी टोल प्लाजा के पास बुधवार सुबह आठ बजे हुआ था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए वाहन चालक के बारे में पता लगा रही है। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है।
टोल प्लाजा चौकी इंचार्ज मोबिन अली के मुताबिक मूल रूप से आजमगढ़ के सत्या गांव निवासी रामचंद्र विश्वकर्मा (71) कबाड़ के कारोबारी थे। रामचंद्र के भांजे अजय ने बताया कि उनके फूफा सोमवार को बेटे सोनू को दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने गए थे। सोनू गल्फ कंट्री में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। बेटे के हवाई जहाज में बैठने के बाद रामचंद्र मंगलवार रात दिल्ली से बस से वापस आजमगढ़ जा रहे थे। बुधवार सुबह करीब आठ बजे रेवरी टोल प्लाजा के पास बस रुकी। रामचंद्र नाश्ता करने के लिए बस से उतरकर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि रामचंद्र करीब पांच फीट दूर जाकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने रामचंद्र को ट्रॉमा सेंटर लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मोबाइल फोन के जरिये परिजनों को दी सूचना
पुलिस ने बताया कि रामचंद्र के पास मिले मोबाइल फोन के जरिए उनके परिजनों से संपर्क किया गया। इसके बाद उन्हें हादसे की जानकारी दी गई। रामचंद्र के परिवार में पत्नी सुबन्ना देवी, चार बेटे और चार बेटियां हैं। पुलिस टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि फुटेज की मदद से कार नंबर का पता लगाया जा रहा है। परिजनों से तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
फोन पर मिली पिता की मौत की खबर, चीख पड़ा बेटा
परिजनों ने बताया कि सोनू को फोन पर घटना की सूचना दी गई। पिता की मौत की खबर सुनते ही सोनू की चीख निकल पड़ी। वह बिलख पड़े। घरवालों का कहना है कि सोनू वापस आने की तैयारी कर रहे हैं। परिजन पोस्टमाॅर्टम के बाद शव को लेकर आजमगढ़ रवाना हो गए।