लखनऊ। मोहनलालगंज खंड के बिजली शिविर में अमेठी के मुंशीगंज निवासी मायावती ने तीन साल से लंबित फर्जी बिजली बिल को लेकर शिकायत दर्ज कराई। बिल की राशि 2.30 लाख रुपये थी। एक्सईएन श्रवण कुमार सिंह ने तत्काल जांच कराई तो पता चला कि नॉट रीडिंग के आधार पर समायोजन करके तीन साल का फर्जी बिल तैयार किया गया था।
जांच के बाद बिल संशोधित कर 52 हजार रुपये का किया गया, जिसे मायावती ने मौके पर जमा कर दिया। मायावती के परिजनों ने बताया कि वे बीते तीन वर्षों से अमेठी उपखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इस प्रकरण पर मुख्य अभियंता रजत जुनेजा ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है। शुक्रवार को 850 शिकायतें आईं।
चिनहट: 21 हजार का बकाया खत्म, विभाग पर निकला 16 रुपये का कर्ज
चिनहट के शिवपुरी उपकेंद्र पर आयोजित बिजली शिविर में भी फर्जी बिलिंग का मामला सामने आया। स्थानीय निवासी गायत्री सिंह के जुलाई में 21 हजार का बिल भेजा गया था। शिकायत पर जांच हुई तो पता चला कि मीटर रीडर ने गलत रीडिंग फीड की थी। बिल संशोधित करने के बाद उपभोक्ता की देनदारी खत्म हो गई और विभाग पर उल्टा 16 रुपये का कर्ज निकल आया।
स्मार्ट मीटर ने बनाया 20 हजार का गलत बिल
चिनहट की सुनीता टंडन के घर हाल ही में स्मार्ट मीटर लगाया गया था। तकनीकी खामी के कारण गलत रीडिंग हुई और 20 हजार का बिल बना दिया गया, जिसे सुनीता ने जमा भी कर दिया। शिविर में जब बिल की पुनः जांच हुई तो सिर्फ 217 रुपये की देनदारी निकली।
70 वर्षीय बुजुर्ग को भटकाया
विश्वविद्यालय खंड के निरालानगर कार्यालय में बिजली शिविर की जानकारी का अभाव बुजुर्ग उपभोक्ता एसपी वर्मा को भारी पड़ गया। सीढ़ियां चढ़कर जैसे-तैसे शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो कर्मियों ने कहा कि यहां कोई शिविर नहीं है। बाद में एक महिला ने अंदर शिविर होने की जानकारी दी, लेकिन अंदर कोई मौजूद नहीं था। कार्यकारी सहायक धीरेंद्र ने उनका प्रार्थनापत्र लेकर उन्हें लौटा दिया। हैरानी की बात यह रही कि कार्यालय के बाहर कहीं भी बिजली शिविर का कोई बोर्ड या बैनर नहीं लगा था।
मीटर की रफ्तार पर भड़के उपभोक्ता
इंदिरानगर के मुंशीपुलिया खंड में लगे शिविर में उपभोक्ताओं ने मीटर की तेज रीडिंग पर नाराजगी जाहिर की। उपभोक्ता धीरज ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनका बिजली बिल दोगुना हो गया है। अप्रैल में 2013 रुपये, मई में 3648 रुपये और जून में 5623 रुपये का बिल आया, जबकि घर में बिजली खपत जस की तस है। इस शिविर में सबसे ज्यादा फर्जी बिलिंग की शिकायतें दर्ज हुईं। इसी तरह विश्वविद्यालय खंड के अहिबरनपुर शिविर में विद्या देवी ने भी अत्यधिक बिल को लेकर शिकायत की।