-हैदराबाद से आए एक भक्त ने ट्रस्ट को ऐसी 33 चांदी की और ईंटें और एक पांच किग्रा की सोने की ईंट देने का किया वादा
-डीएम समेत ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन और अनिल मिश्र ने ट्रस्ट की ओर से प्राप्त किया रामलला का दान, जताया आभार
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनने के बाद बुधवार को द्रव्य के रूप में रामलला को सबसे बड़ा दान दिया गया। हैदराबाद से आए एक भक्त ने दो किलोग्राम वजन की एक चांदी की ईंट भेंट की। इसकी कीमत करीब 1.63 लाख रुपये है। साथ ही वादा किया कि जल्द ही वह ऐसी 33 चांदी की और ईंटों के साथ पांच किलोग्राम की एक सोने की ईंट भी रामलला को भेंट करेंगे। ट्रस्ट ने दान स्वीकार करते हुए चांदी की दान स्वरूप मिली ईंट को कोषागार में सुरक्षित रखवा दिया है।
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जिलाधिकारी कार्यालय में बुधवार को हैदराबाद के मनिकुंडा से आए चल्ला श्रीनिवास ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के आफिसियो ट्रस्टी व डीएम अनुज कुमार झा से मुलाकात कर दान देने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद जिले में मौजूद ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र व डॉ.अनिल मिश्र को शाम 6 बजे कलेक्ट्रेट बुलाया गया। चल्ला श्रीनिवास ने पत्रकारों की मौजूदगी में दो किलो की चांदी की एक ईंट रामलला को देने का प्रस्ताव रखा।
प्रशासन ने इस ईंट की जांच पड़ताल की और उसका वजन भी करवाया। साथ ही बाकायदा डीएम समेत तीनों ट्रस्टी ने ट्रस्ट की ओर से दान स्वीकार करने का पत्र भी उन्हें दिया। डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि ईंट की कीमत करीब 1.63 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि अब जल्द ही प्रशासन ट्रस्ट का बैंक अकाउंट नंबर व एप भी लांच किया जाएगा।
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तेलंगाना की ईंट पर विराजमान हों रामलला : चल्ला
राममंदिर ट्रस्ट को चांदी की ईंट का दान देने वाले चल्ला श्री निवास ने कहा कि वे रामचंद्र जी के परमभक्त हैं। सालों से संकल्प लिए थे कि जब राममंदिर बनेगा तो जनता से सहयोग लेकर गर्भगृह के लिए ईंट का दान करेंगे। यह ईंट तेलंगाना राज्य की जनता से जुटाए गए धन से तैयार की गई है। उनका पुत्र एक ट्रस्ट चलाता है जिसके जरिए लोगों से सहयोग मांगा गया था। तेलंगाना में कुल 34 जिले हैं। कहा कि हर जिले से एक चांदी की ईंट दान में दी जाएगी। साथ ही एक अलग से पांच किलो ग्राम की सोने की ईंट भी दान देंगे। तेलंगाना राज्य के लोगों की इच्छा है कि जब रामलला का गर्भगृह बने तो उसमें इन ईंटों का प्रयोग हो।