फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: सुर, ताल और भावों से सजी सांस्कृतिक संध्या

Sat, 20 Dec 2025 02:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
विज्ञापन
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो
विज्ञापन
लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी व समारोह के दूसरे दिन शुक्रवार को तबला, कथक और संगीत के महान साधकों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया और सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। शताब्दी समारोह के दूसरे दिन की प्रस्तुतियों में कला प्रेमियों ने, यहां भारतीय संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपरा का विराट और भावनात्मक स्वरूप देखा।
विज्ञापन


तबले की थाप में बसी परंपरा और भविष्य की झलक

दूसरे दिन के प्रथम सत्र का शुभारंभ सुप्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद अकरम अली खां के शानदार वादन से हुआ। अजराड़ा घराने की परंपरा में दिल्ली कायदे और उसके विस्तार की उनकी प्रस्तुति विशेष रूप से सराही गई। संवाद सत्र में उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ संगत के लिए केवल तालबोध नहीं, बल्कि मुख्य कलाकार के संगीत और व्यक्तित्व की समझ भी जरूरी है। विकसित भारत 2047 के संदर्भ में उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय संगीत आने वाले समय में और ऊंचाइयों को छुएगा।

कथक की लय में उतरी लखनऊ घराने की रूह

दूसरी प्रस्तुति में पंडित जयकिशन महाराज के निर्देशन में पंडित त्रिभुवन महाराज ने लखनऊ घराने की सशक्त कथक प्रस्तुति दी। गणेश वंदना से आरंभ कर तीनताल, ब्रज ताल और राधा-कृष्ण लीला की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इसके बाद पंडित दीपक महाराज ने गुरु आह्वान से आरंभ करते हुए धमार ताल और बिंदादीन महाराज की ठुमरी पर सजीव भाव-अभिनय पेश किया। वरिष्ठ कलाकार पंडित राम मोहन महाराज ने भी पारंपरिक कथक शैली में श्रीकृष्ण आराधना, परन, तिहाइयों और गत-निकास के जरिए लखनऊ घराने की गरिमा को रेखांकित किया। शाम की संगीत प्रस्तुति में पद्मश्री मालिनी अवस्थी की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन


कला, संवाद और प्रेरणा का संगम

कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने सभी कलाकारों को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी भारतीय कला परंपराओं की भूमिका और भविष्य पर सार्थक विमर्श का सशक्त मंच है। कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन ने इसे नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रेरक प्रयास बताया।

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगो

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें