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Lucknow News: मरीज को बंधक बनाने के मामले में 24 दिन बाद बनी जांच कमेटी

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लखनऊ। विभूतिखंड स्थित धनवंतरि अस्पताल में मरीज को बंधक बनाकर रुपये वसूलने के आरोप में शिकायत के 24 दिन बाद शुक्रवार को जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी ने पीड़ित पक्ष को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है, वहीं अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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बलरामपुर के खैरा निवासी सुनील पाल ने आरोप लगाया था कि 26 दिसंबर को उनके पिता राम भिलाव की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें केजीएमयू रेफर किया गया था। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में बेड न मिलने पर उन्हें एक दलाल ने निजी अस्पताल में सस्ते इलाज का झांसा दिया। ट्रॉमा सेंटर के गेट पर पहुंची एक एंबुलेंस में बैठे व्यक्ति ने 24 घंटे के लिए सात हजार रुपये के भुगतान का आश्वासन दिया। दलालों के बहकावे में आकर सुनील पिता को धनवंतरि अस्पताल ले गए।
अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ ही घंटों के भीतर इलाज के नाम पर 36 हजार रुपये वसूल लिए गए। जब सुनील ने मरीज को छुट्टी देने की बात कही तो अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ अभद्रता करने लगे। आरोप है कि तीमारदार की जेब तक तलाशी ली गई। सुनील ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने अस्पताल से मरीज और तीमारदार को छुड़ाया। सुनील ने 30 दिसंबर को सीएमओ ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अफसरों ने तत्काल कार्रवाई नहीं की।
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सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। डॉ. अमिताभ श्रीवास्तव और डॉ. संदीप सिंह को जांच सौंपी गई है। यदि आरोप सही पाए गए तो अस्पताल का संचालन बंद कर दिया जाएगा।

पहले भी हुई शिकायत, अस्पताल हुआ था बंद

पूर्व में भी धनवंतरि अस्पताल के खिलाफ शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद सीएमओ की टीम ने संचालन पर रोक लगाई थी। अस्पताल संचालक ने नाम बदलकर फिर से पंजीकरण कराकर संचालन शुरू कर दिया था।
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