रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के धनाभाद गांव में भुना चना गले में फंस जाने से एक मासूम की मौत हो गई। घरवालों को इस बात का अहसास नहीं हो रहा है कि महज चना गले में फंसने से उनके जिगर का टुकड़ा उनसे दूर हो जाएगा।
धनाभाद निवासी कोटेदार चंद्रनाथ निर्मल ने खेत से चने के हरे पेड़ लाकर भूना था। वह खा रहे थे।
उसी समय उनका पोता रुद्र (2.3) भी वहां आ गया और चना खाने की जिद करने लगा। चंद्रनाथ ने उसे भी चने दे दिए। एक चना रुद्र के गले में फंस गया और उसकी तबियत बिगड़ने लगी। आननफानन में परिवार के लोग उसे सीएचसी लेकर आए। सीएचसी में डॉक्टर ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
रुद्र की मौत से परिवार सदमे में है। पिता योगेंद्र उर्फ मोनू ने बताया कि रुद्र इकलौता संतान था। वहीं बेटे की मौत से मां सविता का भी रो-रोकर बुरा हाल है। चंद्रनाथ का कहना है कि भुना चना खाते वक्त रुद्र ठीक था। अचानक चना गले में फंस गया। उसे तेज दर्द होना शुरू हो गया।
उसे सीएचसी पहुंचाया, लेकिन उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, लालगंज कोतवाली प्रभारी विनोद सिंह का कहना है कि भुना चना गले में फंसने से बच्चे की मौत की जानकारी उन्हें नहीं है।