इसी बच्चे को नहीं मिली ऑक्सीजन, गोद में लेकर मासूम को निहारती महिला।
- फोटो : amar ujala
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की दुर्व्यवस्था से शनिवार को एक नवजात की मौत हो गई। सांस की तकलीफ होने के बाद नवजात को सीएचसी से ट्रॉमा भेजा गया था लेकिन यहां ऑक्सीजन न मिलने से उसकी सांसें थम गईं।
अमेठी फुर्सतगंज के पवन की पत्नी पूर्णिमा (25) का सीएचसी पर प्रसव हुआ। नवजात को सांस लेने में तकलीफ होने पर शनिवार सुबह डॉक्टरों ने उसे केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर भेजा दिया। दोपहर करीब 12 बजे वह नवजात को लेकर ट्रॉमा आए। कैजुअल्टी में डॉक्टरों ने नवजात को ऑक्सीजन मास्क लगा दिया।
मां पूर्णिमा नवजात को गोद में बैठाए करीब एक घंटे तक इलाज शुरू होने का इंतजार करती रही। तीमारदार पवन डॉक्टर व स्टाफ से बच्चे की हालत खराब होने की दुहाई देते रहे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। करीब दो बजे स्टाफ ने बिना ऑक्सीजन लगाए उसे ट्रॉमा के पांचवें तल पर भेज दिया। बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के नवजात की सांसें थमने लगीं। आनन फानन में पिता दौड़कर कैजुअल्टी में गया। वहां वार्ड बॉय से ऑक्सीजन सिलेंडर मांगा। इस दौरान करीब आधा घंटा बीत गया।
ऑक्सीजन लगाकर विभाग में ले जाते वक्त बच्चे की मौत हो गई। तीमारदार पवन का कहना था कि दो घंटे में कोई भी इलाज ट्रॉमा सेंटर में शुरू नहीं हुआ। यहां तक कि ऑक्सीजन सिलेंडर तक नहीं मुहैया कराया गया। मुकम्मल इलाज व ऑक्सीजन न मिलने से नवजात की मौत हुई है।