लखनऊ। एक ही कैमरा लेकिन देखने के 155 से ज्यादा अंदाज। कहीं प्रकृति का विस्तार है तो कहीं जिंदगी के दस्तावेज, कहीं फैशन की चमक तो कहीं ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों में समय की कहानी। विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर राजधानी में सजी छठी ऑल इंडिया फोटोग्राफी प्रदर्शनी में देश के अलग-अलग हिस्सों की ऐसी ही तस्वीरें एक साथ नजर आ रही हैं। इस बार प्रदर्शनी भारतीय फोटोजर्नलिज्म को अलग पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दिग्गज छायाकार पद्मश्री रघु राय को समर्पित है।
कॉलेज ऑफ आर्ट्स फोटोग्राफिक सोसाइटी की ओर से कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स में मंगलवार से शुरू हुई प्रदर्शनी में 80 से अधिक फोटोग्राफरों की 155 से ज्यादा तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। बुधवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, विधायक डॉ. नीरज बोरा और लविवि के कुलपति प्रो. जेपी सैनी प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
ब्लैक एंड व्हाइट से डिजिटल मैनिपुलेशन तक
1957 में स्थापित कॉलेज ऑफ आर्ट्स फोटोग्राफिक सोसाइटी के पुनर्गठन के बाद यह प्रदर्शनी श्रृंखला का छठा संस्करण है। प्रदर्शनी में 43 ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें हैं, जो फोटोग्राफी के उस दौर की याद दिलाती हैं जब तस्वीरों में रंग नहीं, बल्कि रोशनी, छाया और भाव कहानी कहते थे। वहीं क्रिएटिव, फैशन-ग्लैमर, प्रोडक्ट, वाइल्डलाइफ, लैंडस्केप और डॉक्यूमेंट्री फोटोग्राफी की तस्वीरें कैमरे की बदलती भाषा को सामने रखती हैं। अरुणा सिंह, अतुल हुंडू, रवि पांडेय, राजश्री सेनगुप्ता और पूनम नायक समेत कई फोटोग्राफरों की तस्वीरें प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र हैं।
100 साल से अधिक पुरानी दुर्लभ किताबें भी बनीं आकर्षण का केंद्र
यहां सिर्फ तस्वीरें ही नहीं, बल्कि फोटोग्राफी के इतिहास की झलक भी देखने को मिल रही है। दुर्लभ फोटोग्राफी पुस्तकों का विशेष प्रदर्शन किया गया है। इनमें कुछ पुस्तकें कॉलेज के संग्रह में 100 वर्ष से अधिक समय से सुरक्षित हैं। प्रसिद्ध फोटोग्राफर और आर्ट्स कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर पीसी लिटिल की दो डिजिटल मैनिपुलेशन कृतियां भी प्रदर्शित हैं। उन्होंने फोटोग्राफरों की कई पीढ़ियों को तैयार किया और देशभर के कई छायाकार उन्हें अपना गुरु मानते हैं।
कैमरे के पीछे की कला भी सीखेंगे युवा
प्रदर्शनी को सिर्फ तस्वीरें देखने तक सीमित नहीं रखा गया है। विद्यार्थियों और युवा फोटोग्राफरों के लिए दो कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। 19 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे निफ्ट में प्रो. सचिन वर्मा फैशन फोटोग्राफी की बारीकियां बताएंगे। 20 अगस्त को दोपहर 12 बजे दिल्ली की फोटोग्राफी विशेषज्ञ तनुश्री श्रीवास्तव कम्पोजीशन और पोर्ट्रेट लाइटिंग पर कार्यशाला लेंगी। दोनों कार्यशालाओं में प्रवेश निशुल्क है।
20 अगस्त तक सुबह 10 से शाम छह बजे तक निशुल्क
मुख्य समन्वयक अतुल हुंडू ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य तस्वीरें दिखाने तक सीमित नहीं है। इसके जरिये फोटोग्राफी की कला, इतिहास, तकनीक और बदलते स्वरूप को समझने का अवसर देना है। प्राचार्य रतन कुमार और शिक्षक आलोक कुमार ने भी आयोजन को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया। आयोजन में मयंक रस्तोगी, यश पाल, वेदांत, यश्वी, सौरभ, पायल और अक्षत समेत छात्र समिति के सदस्यों ने सहयोग किया। प्रदर्शनी 20 अगस्त तक सुबह 10 से शाम 6 बजे तक दर्शकों के लिए निशुल्क खुली रहेगी।
जानिये कौन थे रघु राय
रघु राय का जन्म साल 1942 में पंजाब के झांग में हुआ था। अब यह इलाका पाकिस्तान का हिस्सा है। रघु राय ने साल 1962 में अपने बड़े भाई एस पॉल के साथ फोटोग्राफी सीखना शुरू किया। राय ने 1984 में भोपाल गैस त्रासदी को भी अपने कैमरे में कैद किया था। रघु राय ने भारत के लोगों, संस्कृति और शहरों पर 18 से ज्यादा किताबें लिखीं। साल 1972 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की कवरेज के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया। वे अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ''मैग्नम फोटोज'' के सदस्य भी रहे। 26 अप्रैल 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी।
कॉलेज ऑफ आर्ट्स फोटोग्राफिक सोसाइटी की प्रदर्शनी में तस्वीरें निहारते कलाप्रेमी। स्रोत ः आयोजक
कॉलेज ऑफ आर्ट्स फोटोग्राफिक सोसाइटी की प्रदर्शनी में तस्वीरें निहारते कलाप्रेमी। स्रोत ः आयोजक
कॉलेज ऑफ आर्ट्स फोटोग्राफिक सोसाइटी की प्रदर्शनी में तस्वीरें निहारते कलाप्रेमी। स्रोत ः आयोजक