लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी में 30 जनवरी को क्लाउड किचन संचालक सेवानिवृत्त वायु सैन्यकर्मी अवधेश कुमार पाठक को गोली मारने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपी व्यापारी अमित मिश्रा और उसके सिक्योरिटी गार्ड भाई दुर्गेश मिश्रा को बृहस्पतिवार को अंसल पुलिस चौकी के पास से पकड़ा गया। आरोपी ने मृत मां को अपशब्द कहने पर यह वारदात की थी।
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के अनुसार, गिरफ्तार अमित अमेठी के मुंशीगंज का निवासी है। आरोपियों के पास तमंचा, एक खोखा और एक कारतूस बरामद हुआ है। 30 जनवरी को गोसाईंगंज के कबीरपुर निवासी अवधेश की पत्नी मिथिलेश ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया था। इलाज के दाैरान डाॅक्टरों को अवधेश की एक आंख निकालनी पड़ी थी। घटना
के खुलासे के लिए पुलिस की आठ टीमें बनाई गई थीं।
आहत होकर नुकसान पहुंचाने की ठान ली थी
इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय के अनुसार, अमित ने बताया कि उसकी मां की हत्या 2020 में हुई थी। उसने सुरक्षा के लिए अलीगढ़ निवासी दोस्त से तमंचा खरीदा था। अमित सुशांत गोल्फ सिटी में ऑनलाइन सब्जी व फल की दुकान चलाता था। मार्च 2025 में उसने दुकान बंद कर दी थी। 28 नवंबर को अमित बाइक से शॉपिंग स्क्वायर के पास जा रहा था। अवधेश की कार को ओवरटेक करते समय उसकी बाइक बंद हो गई। नाराज होकर अवधेश ने गाली-गलौज करते हुए अमित की मां को अपशब्द कहे। इससे वह आहत हुआ और अवधेश को नुकसान पहुंचाने की ठान ली थी।
गार्ड ने बातों में उलझाया था
अमित ने बताया कि 30 जनवरी की शाम वह अपने भाई दुर्गेश के साथ सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी की बात करने जा रहा था। तभी दोनों भाई अवधेश के पड़ोस स्थित अपनी पुरानी दुकान देखने चले गए। वहां उन्होंने अवधेश को कार से आते देखा और उसे पहचान लिया। दोनों भाइयों ने अवधेश को सबक सिखाने का फैसला किया। रात करीब दस बजे जब अवधेश कार में घर जाने के लिए बैठा, तो दुर्गेश ने उसे बातों में उलझा लिया। इसी का फायदा उठाकर अमित ने तमंचे से अवधेश के सिर में गोली मार दी और फिर दोनों बाइक से अमेठी भाग गए।
सत्यापन के लिए बुलाए जाने पर पकड़ में आए आरोपी
घटना के खुलासे के लिए सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने शॉपिंग स्क्वायर व आसपास लगे 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने और आस-पड़ोस के दुकानदारों से पूछताछ की। शॉपिंग स्क्वायर में 2024 से अब तक खोली गई और बंद हो चुकीं दुकानों के संचालकों को सत्यापन के लिए बुलाने पर घटना का खुलासा हुआ। इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि पुलिस के बुलाने पर आरोपी अमित भी भाई के साथ सत्यापन के लिए आया था। पुलिस ने जब दोनों को अलग-अलग बैठाकर पूछताछ की तो उनके बयान एक दूसरे अलग-अलग थे। फिर घटना वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज देखे गए तो पता चला कि अमित ने थाने में और वारदात अंजाम देते हुए उसी रंग की शर्ट पहनी थी। जिस बाइक से दोनों भागे थे उसकी नंबर प्लेट भी वही थी। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने जुर्म स्वीकार कर लिया। फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। डीसीपी ने पुलिस कर्मियों को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
आरोपी दुर्गेश व अमित।