बिना सुरक्षित ढांचा के खड़ी की तीन मंजिला बिल्डिंग विरामखंड-5 गोमतीनगर में ताश के पत्तों की तरह अचानक ढह गई। गनीमत यह रही कि अंदर मौजूद करीब आधा दर्जन लोग सुरक्षित बाहर निकल गए। कुछ ही सेकंड के अंदर पूरी बिल्डिंग धराशाई हो गई।
लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका में एलडीए, राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन करती रहीं। ढही बिल्डिंग भाजपा नेता अशोक पांडेय के बेटे हर्षित पांडेय की है।
हुसड़िया चौराहा पर बने जीवन प्लाजा के सामने आवासीय भवन 5/21 को असुरक्षित तरीके से व्यावसायिक उपयोग के लिए कांप्लेक्स में बदला जा रहा था। पुलिस का कहना है कि कुछ दिन से यहां काम बंद था। आज जब काम चल रहा था तो राजू पुत्र घिरऊ निवासी मोतीपुर बहराइच, सोनू पुत्र रघुनाथ निवासी बालापुर रूपईडीहा, दिलीप पुत्र अंकुल यादव निवासी बालापुर रूपईडीहा शामिल हैं जो कि दयाल पैराडाइज के डिवाइडर पर रात के समय सोते हैं। बिल्डिंग गिरती देख यह लोग अंदर से निकल कर भागे।
एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि यह भवन हर्षित पांडेय पुत्र अशोक पांडेय के नाम 1998 में आवंटित हुआ है। इस भवन के ढांचे पर ही असुरक्षित तरीके से तीसरी मंजिल का निर्माण कर लिया गया। इसके बाद चौथी मंजिल के निर्माण पर काम चल रहा था। अभी कई दिनों से काम बंद था। एलडीए इस बिल्डिंग को तोड़ने की तैयारी कर रहा था। हालांकि, ध्वस्तीकरण आदेश दो साल पुराना है जिसपर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई थी।