फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: 60 किमी की दौड़, चार घंटे तक भटके... फिर भी नहीं मिला बेड

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। सीतापुर के महमूदाबाद से इलाज के लिए रेफर किए गए एक नवजात को भर्ती कराने के लिए परिजन चार घंटे तक एक से दूसरे सरकारी अस्पताल के चक्कर काटते रहे। इस दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई और उसकी सांसें उखड़ने लगीं। सरकारी अस्पतालों में बेड नहीं मिलने पर परिजनों ने बच्चे को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल नवजात आईसीयू में भर्ती है। घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन

महमूदाबाद सीएचसी में मंगलवार सुबह जुलेखा (25) ने बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात को सांस लेने में परेशानी होने लगी। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन सुबह करीब 10 बजे एंबुलेंस से बच्चे को लेकर करीब 60 किमी दूर केजीएमयू पहुंचे। वहां काफी देर इंतजार कराने के बाद एनआईसीयू में बेड खाली नहीं होने की बात कहकर उन्हें डफरिन अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद परिजन एंबुलेंस से दोपहर करीब 12 बजे डफरिन अस्पताल पहुंचे। यहां भी आईसीयू में बेड उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर उन्हें वापस कर दिया गया।
परिजन शोएब ने बताया कि वे करीब चार घंटे तक बच्चे को भर्ती कराने के लिए अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन कहीं जगह नहीं मिली। बाद में निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
विज्ञापन

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि एनआईसीयू में बेड फुल थे। ऐसे में प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को दूसरे अस्पताल रेफर किया गया होगा। वहीं, डफरिन की प्रमुख अधीक्षक ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। फिर भी मरीज को इमरजेंसी में देखा गया होगा। बेड खाली न होने पर ही उसे रेफर किया गया होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें