एक अगस्त से लागू होने वाला नया डीएम सर्किल रेट शहरी व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बीपीएल व अन्त्योदय श्रेणी के गरीबों पर भारी पड़ेगा।
प्रशासन ने अब तक सर्किल रेट के दायरे से बाहर गरीबों के कच्चे छप्पर अथवा खपरैल युक्त मकान को भी इस बार से सर्किल रेट के दायरे में शामिल करते हुए इनकी रजिस्ट्री के लिए दो हजार रुपया प्रति वर्ग मीटर की दर से शुल्क तय किया है।
इतना ही नहीं अगर बोरवेल, कुआं या हैंडपंप युक्त किसी जमीन को खरीदा जाएगा तो उसकी रजिस्ट्री में भी अतिरिक्त बढ़ोतरी के बतौर तीन से दस हजार तक की शुल्क वसूली की जाएगी।
लागू होने वाले नए डीएम सर्किल रेट में गैर कृषक जमीनों की खरीद फरोख्त के निबंधन में स्टांप शुल्क को कई मदों में बढ़ाते हुए ग्रामीण परिवेश में रहने वाले गरीब तबके के लोगों को प्रशासन ने जोर का झटका चुपके से दिया है।
इसके तहत अब तक सर्किल रेट के दायरे से छूटे गरीबों के कच्चे व छप्पर अथवा खपरैल युक्त मकानों को भी सर्किल रेट के दायरे में लाया गया है।
इसके साथ ही गैर कृषक जमीन जो किसी भी पार्क के समीप होगी अथवा एक से अधिक संपर्क मार्गों वाले मोहल्ले में होगी उनकी वर्तमान दर में दस फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है।
निबंधन कार्यालय से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इसके साथ ही किसी पार्क के समीप दो मार्गों से जुड़ी जमीन की वर्तमान दर में भी बीस फीसदी की बढ़ोतरी एक अगस्त से लागू होगी जबकि जो कृषि भूमि सिगमेंट मार्ग से जुड़ी होगी।
उसके सर्किल रेट की वर्तमान दरों में खामोशी के साथ एकमुश्त चालीस फीसदी और सिगमेंट रोड से दो सौ मीटर की दूरी पर स्थिति जमीन की वर्तमान दर में तीस फीसदी तक इजाफा किया गया है।
लागू होने वाले नए सर्किल रेट में किसी जमीन को बोरवेल बोरिंग सुविधा के साथ खरीदने पर 3 हजार रुपया, कुआं युक्त जमीन पर 10 हजार और हैंडपंप युक्त जमीन पर 5 हजार रुपया प्रति वर्ग मीटर की दर से अतिरिक्त वृद्धि लागू होगी।
इसी तरह शेड युक्त कच्चे मकान की नयी दर 5 हजार रुपया, आरसीसी भवन पर 9 से 10 हजार रुपया, ईट युक्त आरसीसी पर 8 से 9 हजार प्रति वर्ग मीटर निर्माण दर को भी लागू किया गया है।