एक आस बंधी है कि बसंतकुंज योजना के 1100 आवंटियों का नौ साल लंबा इंतजार अब खत्म हो जाएगा।
कोशिश रंग लाई तो बैंक ऋण और किराये की दोहरी मार झेल रहे आवंटियों का अपने आशियाने का ख्वाब शायद इस बार पूरा हो जाए।
एलडीए के वादे और लखनऊ पश्चिम क्षेत्र के विधायक रेहान नईम के प्रयास तो कुछ ऐसा ही संकेत दे रहे हैं। एलडीए ने विधायक को भरोसा दिलाया कि, योजना के भीतर आने वाले गांवों में बेहतर विकास कार्य करवाए जाएंगे।
मगर अब मुआवजा बढ़ा पाना एलडीए के लिए संभव नहीं होगा। इसके बाद में बसंतकुंज योजना के 1100 आवंटियों को जल्द ही उनके प्लॉट पर कब्जा मिल जाने की आस बंधती नजर आ रही है।
बसंतकुंज योजना के परेशान आवंटियों ने कुछ समय पहले एलडीए उपाध्यक्ष से मुलाकात की थी। इन लोगों को नौ साल बीतने के बावजूद आज तक उनके प्लॉटों पर कब्जा नहीं मिल सका है।
वे दर्जनों बार प्राधिकरण के चक्कर काट चुके हैं, मगर सुनवाई कहीं भी नहीं हो रही है। मुख्य रूप से समस्या सेक्टर ओ और एन के साथ है। दोनों ही जगह आवंटियों की कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
बसंतकुंज में आवंटन 2004-05 में हुए थे। इसके बाद में यहां आज तक वाह्य विकास भी नहीं शुरू किया गया है। किसान यहां पूर्व में दिए गए मुआवजे के अतिरिक्त अब बढ़ा हुआ मुआवजा मांग रहे हैं।