रायबरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की सोमवार को इंटरमीडिएट के 966 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इनमें गणित के 143 और जीव विज्ञान के 823 विद्यार्थी गैरहाजिर रहे। हाईस्कूल की संस्कृत में भी 173 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। महत्वपूर्ण विषय होने के कारण परीक्षा केंद्रों में सख्त पहरा रहा।
जिला स्तर पर प्रशासनिक और विभागीय अफसरों ने छापा मारा। शिक्षा निदेशक समेत कई उच्चाधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऑनलाइन निगरानी होती रही। पहली पाली में इंटरमीडिएट की गणित और जीव विज्ञान, जबकि हाईस्कूल की संस्कृत विषय की परीक्षा कराई गई।
इंटरमीडिएट गणित में 5173 विद्यार्थियों में से 5030 विद्यार्थी उपस्थित रहे। इंटरमीडिएट जीव विज्ञान में 16446 विद्यार्थियों को शामिल होना था, लेकिन 15623 विद्यार्थी उपस्थित रहे। हाईस्कूल की संस्कृत में 2735 विद्यार्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 2562 विद्यार्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। दूसरी पाली में महत्वपूर्ण विषय न होने से परीक्षार्थियों की संख्या भी कम रही। दूसरी पाली में हाईस्कूल की संगीत वादन, इंटरमीडिएट की चित्रकला (आलेखन), चित्रकला (प्राविधिक), रंजन कला की परीक्षा कराई गई। अनुपस्थित विद्यार्थियों में बालकों की संख्या ज्यादा रही।
शिक्षा निदेशक समेत कई अफसरों ने किया निरीक्षण
रायबरेली। महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा होने के कारण उच्चाधिकारियों की नजर रही। निरीक्षण करने के लिए भी यहां पहुंच गए। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. महेंद्र देव ने प्रयागराज से लखनऊ जाते समय ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का मुआयना किया। पहली पाली की परीक्षा के दौरान तीन घंटे तक निरीक्षण करते रहे। संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप सिंह ने बछरावां क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। राज्य पर्यवेक्षक दीपिका चतुर्वेदी ने सलोन क्षेत्र के परीक्षा केंद्र देखे।
इन अधिकारियों के अलावा जिला स्तरीय सचल दलों ने भी फर्राटा भरा और ज्यादा से ज्यादा परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की कोशिश की। प्रशासनिक स्तर पर नामित जोनल मजिस्ट्रेटों और सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने भी भ्रमण किया। जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने बताया कि पहली पाली में महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा होने से हर केंद्र तक पहुंचने का प्रयास किया गया, ताकि नकलविहीन परीक्षाएं कराई जा सकें। शिक्षा निदेशक, संयुक्त शिक्षा निदेशक, राज्य पर्यवेक्षक ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण कर व्यवस्था देखी।