वर्ष 2014-15 से चल रहे स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण ने योगी सरकार आने के बाद रफ्तार पकड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस मिशन को मुख्यमंत्री ने शीर्ष प्राथमिकता में रखा। मंत्री भूपेंद्र चौधरी के मुताबिक इस साल 97 लाख से ज्यादा शौचालय बने हैं। 2017-18 में यह संख्या 40 लाख रही। इससे पहले वर्ष 2016-17 में 17.35 लाख, 2015-16 में 6.80 लाख और 2014-15 में मात्र 5.09 लाख व्यक्तिगत शौचालय बने थे।
प्रधानमंत्री ने 2 अक्तूबर 2019 तक देश को ओडीएफ करने का लक्ष्य तय किया था लेकिन योगी सरकार ने इसे 2 अक्तूबर-2018 निर्धारित किया था। काम अधूरा रहने पर सरकार ने दो अक्तूबर को इसे बढ़ाकर 30 नवंबर किया था। ऐसे में 28 नवंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक 97,334 गांवों में से 96,035 को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। 822 में से 518 ब्लॉक और 75 में से 48 जिले ओडीएफ घोषित हो चुके हैं। 30 नवंबर तक प्रदेश खुले में शौच से मुक्त तो नहीं लेकिन लक्ष्य के नजदीक जरूर पहुंच जाएगा।
प्रदेश के गांव, ब्लॉक व जिले बड़ी तादाद में ओडीएफ घोषित हो चुके हैं पर सत्यापन की रफ्तार सुस्त है। ओडीएफ घोषित 518 ब्लॉक में से केवल 56 का ही सत्यापन हुआ है। इसी तरह 57,193 ओडीएफ ग्राम पंचायतों में से केवल 14,719 का ही सत्यापन हुआ है। कुल 96,035 ओडीएफ गांवों में अब तक 31,515 सत्यापित हो चुके हैं।