लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की कड़ाई के बावजूद प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की लापरवाही और छात्रों की कम उपस्थिति के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शनिवार को मोहनलालगंज के प्राथमिक विद्यालय अतरौली में दोपहर एक बजे बीएसए ने निरीक्षण किया। विद्यालय में 95 बच्चे पंजीकृत हैं जबकि मौके पर 24 बच्चे ही मिले। इसमें सात बच्चे ही कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। इस संबंध में बीएसए ने शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
निरीक्षण में आठ में से कोई भी शिक्षक पढ़ाते हुए नहीं मिला। वहीं सहायक अध्यापक अभिषेक शुक्ला विद्यालय के गेट पर फोन पर बात करते हुए मिले। इसके अलावा विद्यालय परिसर में किसी भी दीवार पर निपुण तालिका भी चस्पा नहीं थी, जिससे पठन-पाठन और विभागीय कार्यों के प्रति भारी लापरवाही उजागर हुई है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम से गायब रहे प्रधानाध्यापक
जांच में सामने आया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिग्विजय सिंह को बीआरसी मोहनलालगंज में आयोजित एफएलएन प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। पता चला कि उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग नहीं लिया। वह विद्यालय भी निरीक्षण से दस मिनट पहले ही पहुंचे थे। बीएसए ने इस पर प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है। निरीक्षण में यह बात भी सामने आई कि विद्यालय में कक्षा-एक में केवल 12 बच्चों का नामांकन है। बीएसए ने स्कूल चलो अभियान का पूरा ब्योरा भी मांगा है। मिड डे मील (एमडीएम) में भी उपस्थिति से ज्यादा बच्चों का डाटा भरा जा रहा था। बीएसए ने इस मामले में भी प्रधानाध्यापक से पूरा डा़टा मांगा है।
कोट..........
विद्यालय में आठ शिक्षकों की तैनाती है। उसके बाद भी नामांकन घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच में पाया गया कि इस सत्र में मात्र 12 बच्चों का ही प्रवेश लिया किया है। सभी शिक्षकों को नोटिस जारी कर 28 अक्तूबर की शाम 4 बजे तक जवाब मांगा गया है।
विपिन कुमार बीएसए