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यूपी: नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने वाले उपद्रवियों पर अब तक 213 मुकदमे, 925 गिरफ्तार

Tue, 24 Dec 2019 02:15 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता कानून के विरोध में प्रदेश में कई दिनों तक विभिन्न शहरों में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उपद्रव करने वालों के खिलाफ पुलिस अब एक्शन मोड में आ गई है। कहीं उपद्रवियों की तलाश में दबिश दी जा रही है तो कहीं आम लोगों की मदद से गुनाहगारों की पहचान की जा रही है। मामले में प्रदेश में अब तक 213 केस दर्ज की जा चुकी हैं जबकि 925 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

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आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने सोमवार को बताया कि सभी जिलों में स्थिति सामान्य है। अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व भ्रामक पोस्ट करने में अब तक 81 एफआईआर दर्ज कर 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही ट्विटर की 7513 प्रोफाइल, फेसबुक की 9076 प्रोफाइल और यू ट्यूब की 172 प्रोफाइल डीलीट कराई जा चुकी हैं।

साक्ष्यों के ही आधार पर हो कार्रवाई : डीजीपी
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने हिंसा प्रभावित जिलों के पुलिस कप्तानों व रेंज और जोन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एफआईआर की निष्पक्ष विवेचना की जाए। किसी भी हाल में साक्ष्य के बिना कोई कार्रवाई और किसी निर्दोष का उत्पीड़न न किया जाए।
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मामले की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक अपराध या अपर पुलिस अधीक्षक स्तर का कोई अधिकारी करे। जिलों के एसएसपी, एसपी, रेंज के आईजी, डीआईजी और जोन के एडीजी पारदर्शी तरीके से इन मामलों की विवेचना का पर्यवेक्षण करें।

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रामपुर : आरोपियों को पकड़ने के लिए घरों पर दबिश

पुलिस ने शनिवार को हुए बवाल के आरोपियों को पकड़ने के लिए सोमवार को भी आरोपियों के घरों पर दबिश दी। हालांकि पुलिस के हाथ आरोपी नहीं आ सके। एहतियातन हर मुख्य चौराहे पर पुलिस तैनात है। मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर पहचान की जा रही है।

अलीगढ़ : एएमयू में निकाला गया कैंडल मार्च
एएमयू में सोमवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रहे। एएमयू शिक्षिकाओं ने स्टाफ क्लब से मुख्य द्वार तक विरोध में जुलूस निकाला और कानून वापस लेने की मांग केंद्र सरकार से की। शाम को एएमयू छात्रों, शिक्षकों, सभी स्टाफ संगठनों आदि ने मिलकर कैंडल मार्च निकाला। साथ ही राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

मुजफ्फरनगर : 25 और आरोपी गिरफ्तार, एसआईटी ने शुरू की जांच
शुक्रवार को हुई हिंसा के मामले में सोमवार को 25 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक 73 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 5 उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज की मदद से की गई। वहीं, सोमवार को 12 उपद्रवियों के फोटो जारी किए गए हैं, जिनकी सूचना देने पर नाम गोपनीय रखने के साथ ही इनाम भी दिए जाने की घोषणा की गई है। दूसरी ओर शहर में हुए उपद्रव के चौथे दिन बाजार में रौनक लौट आई। दूसरी ओर एसआईटी ने बवाल की जांच शुरू कर दी है।

फिरोजाबाद : 13 बलवाइयों की संपत्ति जब्त होगी

बवाल करने वाले 13 लोगों के खिलाफ पुलिस संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई करेगी। आईजी रेंज ए सतीश गणेश का कहना है कि  जल्द नोटिस भेजा जाएगा। इस दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति के स्कूटर की डिक्की और एक युवक की कार से पेट्रोल से भरी बोतल बरामद की। इमामबाड़ा चौराहा पर चेकिंग के दौरान बाइक सवार एक युवक से पिस्टल बरामद की गई। पुलिस ने तीनों लोगों को हिरासत में ले लिया। वहीं, डीएम-एसएसपी ने सीआरपीएफ और पुलिस फोर्स के साथ पैदल मार्च कर व्यापारियों से दुकान खोलने की अपील की।

मरने वालों की संख्या हुई चार: शुक्रवार को हुए उपद्रव में गोली लगने से घायल मुकीम पुत्र मुबीन निवासी मशरूरगंज ने भी सोमवार रात साढ़े नौ बजे दम तोड़ दिया। उन्हें आगरा से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या चार हो गई।

कानपुर: उपद्रवियों पर कार्रवाई के विरोध में सड़क पर उतरीं महिलाएं

बेकनगंज थाना क्षेत्र के यतीमखाना में हुई हिंसा में शामिल उपद्रवियों पर कार्रवाई के विरोध में सोमवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। सैकड़ों महिलाओं की अगुवाई में रूपम टॉकीज चौराहे से तलाक महल तक जुलूस निकाला गया। महिलाएं यहां धरने पर बैठ गईं और करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया। शहरकाजी हाजी कुद्दूस ने भी बेगुनाहों पर कार्रवाई न होने का आश्वासन दिया तब भीड़ वहां से लौटी।
 

मेरठ : 405 उपद्रवियों की तलाश

गोरखपुर : पांच आरोपियों को भेजा जेल
सोमवार को पुलिस ने दो पत्थरबाजों सहित पांच आरोपितों को जेल भेजा है। पत्थरबाजों की पहचान फोटो पोस्टर से हुई है। मामले में अब तक पांच पत्थरबाज सहित 28 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। सोमवार को राजघाट थाने में धारा 144 के उल्लंघन में करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एक और केस दर्ज किया गया। इससे पहले 36 नामजद सहित 1000 लोगों के खिलाफ 21 धाराओं में केस दर्ज कराया गया था। कोतवाली और राजघाट थाने के अज्ञात आरोपियों की संख्या अब बढ़कर 1200 हो गई है। वहीं जुमे की नमाज के बाद हुए उपद्रव से प्रभावित शाहमाहरूफ बाजार, मदीना मस्जिद चौराहा और नखास चौक में सोमवार को शांति रही। दुकानें खुली रहीं।
 
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उपद्रवियों की तलाश में सोशल मीडिया सेल की ले रहे मदद

प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले लोगों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन व मीडिया के कैमरों में कैद हुई तस्वीरों की पहचान के लिए साइबर फोरेंसिक लैब, सोशल मीडिया सेल और डिजिटल वालंटियर की मदद ली जा रही है। एसपी सोशल मीडिया मोहम्मद इमरान ने बताया कि लखनऊ व गोरखपुर में उपद्रवियों की जो तस्वीरें सामने आई है, उसकी पहचान कराने में सोशल मीडिया से काफी मदद मिली है। हालांकि इस प्रक्रिया में इंटरनेट सेवा बाधित होने से असर पड़ रहा है। हिंसा प्रभावित अधिकतर जिलों में सोमवार को भी इंटरनेट सेवा बंद रही। माना जा रहा है कि इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद उपद्रवियों की पहचान में आसानी होगी। हिंसा में शामिल लोगों की तस्वीरें पुलिस के सभी डिजिटल वालंटियर के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजी गई हैं। उम्मीद है कि इंटरनेट सेवा बहाल होने के बाद अधिक से अधिक लोगों का नाम और पता जानने में आसानी होगी।

‘त्रिनेत्र’ एप की भी ली जा रही मदद: एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस के इंटरनल मोबाइल एप ‘त्रिनेत्र’ पर भी इमेज सर्च कराने के लिए कहा गया है। इस एप पर लाखों पेशेवर अपराधियों के रिकॉर्ड फोटो के साथ उपलब्ध हैं। हिंसा में शामिल ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसने पूर्व में कोई अपराध किया होगा, उसे इस एप के जरिये तलाशने में आसानी होगी।

फेसबुक व ट्वीटर पर भी कर रहे सर्च: उपद्रव के बाद फेसबुक और ट्विटर पर फोटो व वीडियो साझा किए गए हैं। ऐसी तस्वीरों को साझा करने वालों की प्रोफाइल खंगाली जा रही है। साथ ही जो वीडियो और फोटो सोशल मीडिया साइट पर अपलोड की गई है, उनमें से भी उपद्रवियों को तलाशा जा रहा है।
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