रेहरा बाजार (बलरामपुर)। जंगल की जमीन पर हुए कब्जे को हटाने पहुंची राजस्व व पुलिस टीम को उस समय बैरंग लौटना पड़ा जब कब्जेदारों के फूस के घर धू-धू कर जलने लगे। कब्जेदारों का आरोप है कि उनके घरों में प्रशासन ने आग लगाई है। वहीं एसडीएम बता रहे हैं कि खुद को बचाने के लिए अवैध कब्जेदारों ने अपने घरों में आग लगाई है। घटना में घायल हुई एक महिला व युवक को सीएचसी रेहरा में भर्ती कराया गया है। गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम बढ़या फरीद खां के मजरे तिवारीडीह में गुरुवार को जंगल की जमीन पर अवैध ढंग से हुए निर्माण को हटाने तहसीलदार उतरौला कृष्ण गोपाल त्रिपाठी, थानाध्यक्ष जेके टंडन व रेहरा जंगल के रेंजर इकबाल की टीम पहुंची। टीम ने एंटी भू-माफिया अभियान के तहत गौरीशंकर तिवारी, कृष्णा तिवारी, राम प्रसाद तिवारी तथा स्वामीनाथ तिवारी का आधा अवैध कब्जा ही हटाया था कि अचानक इन कब्जेदारों के फूस के मकान धू-धू कर जलने लगे। गौरीशंकर का आरोप है कि उनके घरों में प्रशासन ने आग लगा दी है। घटना में नकदी व जेवर समेत करीब दो लाख का सामान व पांच बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है। उसकी पत्नी प्रभा देवी को पुलिस ने पीटा है। प्रभा को सीएचसी रेहरा बाजार में भर्ती कराया गया है। घटना में रवि तिवारी (18) भी घायल हो गया है उसे भी सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
उधर आग लगते ही राजस्व व पुलिस टीम मौके से चली गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम उतरौला बीएल सरोज तथा सीओ इंद्रजीत सिंह ने मौके का जायजा लिया। एसडीएम का कहना है कि कब्जेदारों ने अपने बचाव में घरों में खुद आग लगाई है। सबको समझा-बुझाकर शांत कराया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। एहतियात के तौर पर गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।