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फिर एफसीआई ने फेल किया 15 ट्रक चावल

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बाराबंकी। भारतीय खाद्य निगम की कार्यशैली सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को एसडब्ल्यूसी कुर्सी गोदाम पर सरकारी चावल लेकर गए 15 ट्रक चावल यह कहकर वापस कर दिया गया कि यह एफसीआई के मानकों पर खरा नहीं उतरता है। इसमें भूसी की मात्रा मानक से अधिक है। एफसीआई की इस हरकत से मिलर्स सकते में आ गए हैं और उन्होंने क्रय केंद्रों से धान की उठान पूरी तरह से बंद कर दी है। मिलर्स का आरोप है कि मानकों पर खरा उतरने वाला चावल फेल कर दिया जा रहा है। जब तक एफसीआई चावल नहीं लेगी, हम लोग धान की उठान नहीं करेंगे।
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जिले में अब तक 60 हजार एमटी धान की खरीद हो चुकी है। जबकि सवा लाख एमटी धान की खरीद की जानी है। लेकिन एफसीआई जिस तरह से आए दिन सरकारी चावल को मानक विहीन बताकर ट्रकों को लौटा रही है, उससे यह लक्ष्य हासिल कर पाना विभाग के लिए आसान नहीं दिखा रहा है। क्योंकि जब एफसीआई चावल नहीं लेगी तो मिलर्स धान की उठान नहीं करेंगे। मिलर्स धान नहीं उठाएंगे तो क्रय केंद्रों पर खरीद गया धान डंप हो जाएगा और इससे निर्धारित समय से पहले धान खरीद बंद हो जाएगी, इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है। एफसीआई अब तक करीब 37 ट्रक चावल फेल कर चुकी है। इससे मिलर्स ने जहां धान की उठान न करने की चेतावनी दी है, वहीं विभागीय अधिकारी भी परेशान हैं।

मिलर्स द्वारा सरकारी धान से तैयार करीब 15 ट्रक चावल अनलोडिंग के लिए एसडब्ल्यूसी कुर्सी गोदाम भेजे गए इन ट्रकों को यह कहकर वापस कर दिया गया कि चावल में भूसी की मात्रा ज्यादा है। चावल एफसीआई के मानक के अनुसार नहीं है। पूरे प्रकरण से आरएफसी फैजाबाद और अपर आयुक्त खाद्य को अवगत कराते हुए दिशा निर्देश मांगे गए हैं। उधर, मिलर्स ने भी यही हाल रहा तो धान की उठान न करने की चेतावनी दी है।
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- प्रभाकांत द्विवेदी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी

एजीएम क्वालिटी कंट्रोल फैजाबाद ने निरीक्षण के दौरान कुर्सी गोदाम में अनलोड किए गए चावल को मानक विहीन बताया है। एफसीआई के जो मानक हैं, उसके अनुसार जो चावल आता है, उसी ट्रक को अनलोड किया जाता है। बृहस्पतिवार को जो ट्रक कुर्सी गोदाम से वापस किए गए हैं, उस चावल में भूसी की मात्रा ज्यादा थी।
- विनय कुमार, धान खरीद अधिकारी एफसीआई


शासन की मंशा के अनुरूप मिलर्स कार्य कर रहे हैं और सरकारी धान की उठान कर चावल तैयार कर एफसीआई गोदाम भेज रहे हैं। लेकिन एफसीआई के अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और मानकों पर खरा उतरने वाला चावल मानकविहीन बताकर वापस कर रहे हैं। यहीं हाल रहा तो मिलर्स क्रय केंद्रों से धान की उठान नहीं करेंगे। क्योंकि एफसीआई अपने रुख में बदलाव लाने के पक्ष में नहीं है।
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- दिनेश कुमार वर्मा, अध्यक्ष राइस मिलर्स एसोसिएशन
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