महादेवा (बाराबंकी)। सावन में भोलेनाथ के लिए जमीन की खरीद का कार्य जोर पकड़ने लगा है। सावन मास में ही महादेव कॉरिडोर को लेकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद महादेवा मठ के आसपास 127 जमीनी और दुकान महादेवा की संपत्ति हो जाएगी। मंगलवार को 90 रजिस्ट्री पूरी की गई। इसी के साथ मुआवजा कम मिलने की शिकायत पर दो एसडीएम की टीम जांच करने भी महादेवा पहुंची।
महादेवा कॉरिडोर मैं रजिस्ट्री प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कुल 127 जमीनों और दुकानों में से 90 रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी हैं। बाकी बची जमीन इसी सावन में खरीद ली जाएगी। इसके बाद निर्माण शुरू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 48 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। दो किस्तों में मिली राशि जमीन खरीदने में खर्च हो रही है। भोलेनाथ के भक्तों का मानना है कि लोधेश्वर भगवान के लिए जमीन की खरीदारी सावन में पूरी करना ना केवल शुभ संयोग होगा वरन महादेवा को एक विशिष्ट पहचान देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।
मंगलवार मुआवजे में कम राशि को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम पवन कुमार व नवाबगंज एसडीएम न्यायिक अनुराग सिंह ने महादेवा पहुंचकर लोगों से बातचीत की। लोगों का आरोप था कि उनकी जमीन ज्यादा है। लेकिन रकबे के मुताबिक कम राशि दी गई है। एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि पैसे भेजने वाली लिस्ट में कुछ दिक्कत हो गई थी। जिसे जांच करवाकर सही करवा दिया गया है। जमीन के रकबे के अनुसार ही मुआवजा मिलेगा।
लोधेश्वर महादेवा में प्रस्तावित कॉरिडोर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं नजर रखे है। उन्होंने दरियाबाद के विधायक और खाद एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा को लगा रखा है। लोक निर्माण विभाग के स्तरीय अभियंता राजीव कुमार राय ने बताया कि मुख्य सड़क से महादेवा तक फोरलेन सड़क जल्द ही बन जाएगी। निर्माण जारी है।
वहीं, पर्यटन विभाग कॉरिडोर निर्माण के साथ ही महादेव एक पर्यटन को स्थापित करना चाहता है। इसके लिए भगहर झील के सौंदर्यीकरण के लिए भी करोड़ों रुपया आवंटित किया जा चुका है। महादेवा तक बस सेवा मजबूत करने की योजना भी हैं। सावन के मौसम में यहां मिले एक भक्त ने कह ही डाला कि जल्द ही लोधेश्वर महाराज के ठाठ बदले बदले नजर आएंगे।