रायबरेली। सलोन से करीब पांच किमी. दूर और रायबरेली-जौनपुर हाईवे से दाईं तरफ से गढ़ी इस्लाम नगर गांव जाने की पक्की सड़क निकली है। मंगलवार दोपहर आरोपी जीशान के पैतृक गांव में सन्नाटा दिखा। जीशान के घर पर ताला लटक रहा था। पड़ोसी देखते ही दरवाजा बंद कर लिया। पड़ोस में रहने वाले एक किशोर से जीशान के बारे में पूछा गया कि आप जीशान के पड़ोसी हो। इस पर किशोर का कहना था कि वह जीशान का पड़ोसी नहीं है। आसपास के लोग भी कुछ बताने को तैयार नहीं हुए।
गांव से कुछ दूरी आने पर एक महिला मिली। महिला से जीशान के बारे में जानकारी ली गई तो बोली यहां तो कोई रहता नहीं। जीशान और उसका परिवार 10 से सलोन कस्बे में रहता है। यहां पर कोई नहीं आता है। पूछा गया जीशान फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले में जेल चला गया है तो उस महिला का कहना था कि जैसे करनी, वैसे भरनी।
दरअसल, जन्म प्रमाणपत्र के मामले का आतंकी कनेेक्शन निकल आने के बाद जीशान के पैतृक गांव के लोगों में दहशत दिख रही है। खासकर उसके आसपास के रहने वाले लोगों में। कोई नहीं चाहता है कि वह कुछ भी बोले। उन्हें इस बात की चिंता है कि कहीं ज्यादा कुछ बताने पर उन पर किसी तरह की कोई कार्रवाई न हो जाए।
यही वजह रही कि गांव के लोग जीशान व उसके परिवार के बारे में ज्यादा कुछ बताने से कतराते रहे। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले का खुलासा होने पर सिर्फ जीशान के पैतृक गांव गढ़ी इस्लाम नगर ही नहीं, बल्कि उन गांवों के लोगों में दहशत है, जिनके गांवों के नाम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। यूपी एटीएस व स्थानीय पुलिस पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रही है।