प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या 13.52 करोड़ हो गई है। जिनके नाम दो-दो जगह दर्ज हैं उनकी एक अलग सूची तैयार कर ली गई है।
ऐसे 90 लाख मतदाता हैं जिनका नाम डुप्लीकेट नामों की सूची में दर्ज है। आयोग इनका भौतिक सत्यापन करा रहा है।
आयोग को उम्मीद है कि सत्यापन के बाद इनमें से करीब 10 फीसदी नाम कट जाएंगे। इस बार 82 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े गए हैं।
इनमें 41 लाख महिला व इतने ही पुरुष हैं। प्रदेश में नए जुड़े मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र फरवरी में दे दिए जाएंगे। अब जो भी मतदाता बन रहे हैं उन्हें रंगीन मतदाता पहचान पत्र मिलेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि 31 जनवरी को नई मतदाता सूची प्रकाशित हो जाएगी।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान में 27 लाख मतदाताओं के नाम कांटे गए हैं। यह नाम मतदाता की मृत्यु होने पर या फिर एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट होने के कारण काटे गए हैं।
18-19 वर्ष की उम्र वाले कुल 27 लाख नए मतदाता अभियान में जोड़े गए हैं। पुराने मतदाताओं को मिलाकर युवा मतदाताओं की संख्या 37 लाख हो गई है।
उन्होंने बताया कि डुप्लीकेट नामों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यदि किसी मतदाता का नाम इस सूची में दर्ज है तो वे ऑनलाइन ही अपना नाम दूसरी जगह से कटवा सकते हैं।
नए मतदाता जिनका नाम सूची में जुड़ गया है वे भी वेबसाइट पर देख सकते हैं।
नाम वोटर लिस्ट में चेक करें
मतदाता पहचान पत्र होने का मतलब जरूरी नहीं है कि मतदाता सूची में नाम हो ही। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अभी से अपना नाम मतदाता सूची में जरूर चेक कर लें।
चुनाव तैयारियों का जायजा कल
लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विनोद जुत्शी 19 जनवरी को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंच रहे हैं।
वे यहां पर डीएम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिलों की तैयारियों का जायजा लेंगे। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था व संवेदनशील बूथों की भी समीक्षा की जाएगी। उप निर्वाचन आयुक्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे।