यूपीए सरकार द्वारा रोजगार के लिए चलाई गई मनरेगा के बारे में अखिलेश सरकार ने इसे सफल बताने के दावे पेश किए हैं।
प्रदेश के ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरविंद कुमार सिंह ‘गोप’ ने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में मनरेगा में उपलब्ध 3882.47 करोड़ रुपये में से 3440.64 करोड़ खर्च किया जा चुका है।
यह करीब 89 प्रतिशत है। गोप ने बताया कि मनरेगा के तहत श्रमिक मजदूरी, सामग्री व प्रशासनिक भुगतान प्रकिया केंद्र सरकार की शर्तों के मुताबिक इलेक्ट्रानिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (ईएफएमएस) से शुरू कर दी गई है।
प्रदेश राज्य गुणवत्ता नियंत्रक, राज्य गारंटी परिषद व सोशल ऑडिट निदेशालय का गठन भी कर चुका है।
इसके अलावा वर्ष 2013-14 में पिछले दो वित्तीय वर्ष में कराए गए कार्यों का सोशल आडिट कराया गया है।
11412 ग्राम पंचायतों की सोशल आडिट कराई गई है। सोशल आडिट के लिए 63000 सदस्यों को प्रशिक्षण भी दिलाया गया है।