लखनऊ। ठेकेदार से खुद को एडीजी का परिचित बताकर जालसाज ने नौकरी दिलाने और उधारी के नाम पर 85 लाख रुपये ऐंठ लिए। मामले में पीजीआई पुलिस ने रविवार को एफआईआर दर्ज की है।
हमीरपुर के सूफीगंज निवासी मो. फिरोज ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पहले उनकी मुलाकात पीजीआई इलाके के रहने वाले संदीप त्रिपाठी से हुई थी। उसने खुद को कई आईपीएस व आईएएस अधिकारियों का परिचित बताया था। संदीप ने कहा था कि वह उनके रिश्तेदारों की सरकारी नौकरी लगवा सकता है। बदले में उसने 30 लाख रुपये की मांग की थी। झांसे में लेने के आरोपी ने उनके सामने पुलिस विभाग के एक एडीजी से बात भी की थी। भरोसा होने पर उन्होंने आरोपी के खाते में रकम ट्रांसफर कर दी थी। इस बीच उसने ठेकेदार से 55 लाख रुपये उधार भी ले लिए। इसके बाद फोन उठाना बंद कर दिया।
एडीजी से मिलने पर खेल आया सामने
फिराेज के अनुसार, जब वह एडीजी से मिलने पहुंचे तो उन्होंने बताया कि वह किसी भी संदीप नाम के युवक को नहीं जानते। इसके बाद जब आरोपी के घर पहुंचे तो वह नहीं मिला। आरोप है कि कुछ देर बार संदीप ने कॉल कर उन्हें हत्या करने की धमकी दी। एडिशनल इंस्पेक्टर अमित सिंह के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।