टीकाकरण तय लक्ष्य से कम होने के कई कारण हैं। इसकी पड़ताल की जाएगी। कुछ लोग शहर से बाहर चले गए थे तो कुछ महिलाओं के गर्भवती होने की स्थिति में टीकाकरण नहीं हुआ।
- डॉ. एमके सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी लखनऊ
पहले डरे थे, टीका लगने के बाद मुस्कुराए
कोरोना वैक्सीनेशन के पहले दिन चयनित स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवाने केंद्र पहुंचे तो उनके चेहरे पर डर साफ झलक रहा था। लेकिन टीका लगवाने के बाद कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखा तो इनके चेहरे चमक उठे। इसके बाद ये दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों को भी टीकाकरण में शामिल होने की सलाह देते नजर आए।
उधर, एसजीपीजीआई में निदेशक प्रो. आरके धीमान और लोहिया संस्थान में निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी ने खुद टीका लगवाकर चिकित्सा कर्मियों का उत्साह बढ़ाया। प्रो. धीमान ने बताया कि संस्थान का निदेशक होने के नाते यहां के कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। इसलिए सबसे पहले खुद टीका लगवाया है। टीका पूरी तरह से वैज्ञानिक है।
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु ने कहा कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीकाकरण कराने वाले कुछ लोगों से देर शाम बात की गई थी। कहीं से भी कोई शिकायत नहीं मिली है।