अंबेडकरनगर। जिले की पांच तहसील मुख्यालयों पर मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ, जिसमें कुल 771 शिकायतें आईं। इसके सापेक्ष मात्र 35 शिकायतों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। जलालपुर संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया।
जलालपुर में डीएम ने कहा कि फरियादी बड़ी उम्मीदों के साथ आते हैं। ऐसे में जब उनकी समस्याओं का निपटारा नहीं होता, तो उन्हें मायूसी होती है। यह कतई उचित नहीं है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि फरियादियों की मुश्किलों को पूरी गंभीरता के साथ दूर कराएं। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस में आए लोगों से आह्वान किया कि स्वच्छ भारत मिशन योजना को सफल बनाने के लिए वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। न सिर्फ स्वयं शौचालय का प्रयोग करें, बल्कि दूसरों को भी जागरूक करें। एसपी संतोष कुमार मिश्र ने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखी जा रही है। इस बीच कुल 250 शिकायतें आईं। इसके सापेक्ष मात्र 12 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। इस दौरान डीडीओ मथुरा प्रसाद मिश्र, परियोजना निदेशक प्रदीप पांडेय, डीपीआरओ मयाशंकर मिश्र, डीआईओएस विनोद सिंह, बीएसए अतुल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
वहीं, आलापुर में एसडीएम रामशंकर की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 188 शिकायतें आईं। इसके सापेक्ष मात्र पांच शिकायतें निस्तारित हो सकीं। टांडा में एसडीएम नरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 113 शिकायतें आईं। इसमें से मात्र दो का ही मौके पर निस्तारण हुआ। भीटी में सीडीओ उमेशकुमार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 75 शिकायतें आईं। इसके सापेक्ष 5 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। अकबरपुर संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम गिरिजेश त्यागी की मौजूदगी में कुल 145 मामले आए। इसके सापेक्ष 11 मामलों का ही निस्तारण मौके पर हो सका।