बहराइच। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित जननी सुरक्षा योजना में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की व्यवस्था है। लेकिन आए दिन पीड़ितों से पैसे की डिमांड की जाती है। इस मामले में शिवपुर स्वास्थ्य केंद्र की स्टाफ नर्स व आशा दोषी पाई गईं। इस पर दोनों की सेवा समाप्त कर दी गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर में 20 मार्च की रात बाजपुरवा निवासी प्रतिमा सिंह पत्नी जीतेंद्र सिंह को परिवार के लोग प्रसव के लिए लाए थे। यहां स्टाफ नर्स दीप कुमारी ने प्रसव कराया। इसके एवज में 500 रुपये की डिमांड की।
पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय में की। मामले की जांच तहसीलदार नानपारा को सौंपी गई थी। जांच में स्टाफ नर्स द्वारा पैसे की डिमांड की पुष्टि हुई। जांच के दौरान पीड़ित जितेंद्र ने बताया कि गांव की आशा किरन सिंह ने भी 200 रुपये लिए थे।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि जांच में पुष्टि होने के बाद संविदा स्टाफ नर्स दीप कुमारी की संविदा समाप्त कर दी गई है। आशा किरन सिंह को भी पद से हटाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।