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मायाराज के 800 सरकारी वकीलों की हुई छुट्टी

Sun, 01 Jun 2014 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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बसपा सुप्रीमो मायावती के शासनकाल में जिला व मंडलीय न्यायालयों में नियुक्त करीब 800 सरकारी वकीलों की छुट्टी कर दी गई है।
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न्याय विभाग ने इन सरकारी अधिवक्ताओं के नवीनीकरण से जुड़े आवेदन शनिवार को खारिज कर दिए। सुप्रीम कोर्ट ने शासन को 31 मई तक इन प्रत्यावेदनों को निपटाने को कहा था।

विशेष सचिव न्याय एवं अपर विधि परामर्शी एसके विश्वकर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार इन प्रस्तावों का निस्तारण कर दिया गया है।

प्रमुख सचिव न्याय एसके पांडेय ने बताया कि इनके स्थान पर जल्द ही उपयुक्त अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जाएगी।

बड़ी संख्या में हुई थीं नियुक्तियां

वर्ष 2011 में बसपाराज में एलआर मैनुअल में संशोधन कर बड़ी संख्या में शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति की गई थी।

इन्हें जनपदीय न्यायालयों व मंडलीय न्यायालयों में जिला/ सहायक/ अपर/ उप/ नामिका शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किया गया था।

सत्ता में आने के बाद सपा सरकार ने एलआर एक्ट में संशोधन को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी थी जिसे सर्वोच्च अदालत ने निरस्त कर दिया था।

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नियुक्तियां हुईं अवैध

संशोधन निरस्त होने की वजह से नियुक्तियां भी अवैध हो गईं। नई सरकार ने इनकी जगह दूसरी की नियुक्तियां शुरू की तो ये सरकारी वकील हाईकोर्ट चले गए।

हाईकोर्ट से इन्हें राहत दे दी। तब सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में स्पेशल अपील की।

सुप्रीमकोर्ट ने 13 नवंबर 2013 को एलआर मैनुअल व सर्वोच्च अदालत द्वारा पूर्व में दिए गए फैसले के अनुसार इन अधिवक्ताओं के नवीनीकरण प्रस्ताव का निस्तारण करने को कहा था।
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