रायबरेली-परशदेपुर। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं की मनमानी से जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही है। आए दिन कहीं न कहीं लाइनों में फॉल्ट बना रहता है। इसकी वजह से लोगों को बिजली संकट झेलना पड़ रहा है। मामूली बारिश और हवा चलने पर लाइनों में फॉल्ट आ जाता है। रविवार की रात करीब नौ बजे परशदेपुर और डीह उपकेंद्र को जाने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आया। इससे करीब 80 गांवों की बिजली गुल हो गई। इन गांव की करीब डेढ़ लाख आबादी को अंधेरे में रहना पड़ा। सोमवार की दोपहर करीब दो बजे बिजली आई, तो लोगों ने राहत की सांस ली।
अमावां ट्रांसमिशन से डीह और परशदेपुर को बिजली मिलती है। इससे परशदेपुर नगर पंचायत समेत 80 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। रात करीब 10 बजे लाइन में फॉल्ट आ गया। कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया गया, लेकिन लाइन नहीं बन पाई। इस वजह से पूरी रात लोग अंधेरे में रहे। ग्रामीण समरेंद्र सिंह, राकेश यादव, राजू सिंह, मोनू अग्रहरि, मनीष कुमार, धीरेंद्र सिंह ने बताया एक सप्ताह से आए दिन लाइन में फॉल्ट बना रहता है। जिसे ठीक करने में 10 से 15 घंट का समय लग जाता है।
किसानों ने बताया कि इस समय धान की रोपाई का काम चल रहा है। बिजली नहीं आने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यही हाल विद्युत उपकेंद्र छतोह का भी है। इस उपकेंद्र की लाइनें जर्जर हैं। इससे आए दिन लाइनों में फॉल्ट की वजह से बिजली गुल रहती है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ। परशदेपुर के अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि लाइन में फॉल्ट आने की वजह से बिजली बंद थी, जिसे ठीक कराकर बिजली बहाल करा दी गई है।