एनजीटी के निर्देश पर नगर निकायों में वर्षों से पड़े लाखो टन पुराने कूड़े के निस्तारण की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रदेश की 56 नई निकायों में पड़े करीब 80 लाख टन पुराने कूड़े (लिगेसी वेस्ट) के निस्तारण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसपर 400 करोड़ रुपये खर्च होगा। धनराशि की व्यवस्था के लिए यह प्रस्ताव केंद्र को भेजने का फैसला किया गया है। यह काम स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत कराया जाएगा। इसके अलावा 98 निकायों में 1200 एमएलडी क्षमता का एसटीपी प्लांट लगाने के लिए 120 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा जाएगा।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई स्वच्छ भारत मिशन शहरी की राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की 8वीं बैठक में यह फैसले लिए गए। इसके अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। सचिव नगर विकास अनुराग यादव ने इसके पहले समिति की पिछली बैठक में लिए गए फैसलों और उन पर किए गए काम की जानकारी दी। प्रदेश की प्रत्येक नगर नागर निकाय को अपने क्षेत्र में एक एमआरएफ के निर्माण के लिए 33.67 लाख रुपये दिए गए। इस हिसाब से प्रदेश के सभी निकायों को 219.52 करोड़ रुपये दिए दिए। निकायों में पहले और दूसरे संग्रहण के लिये उपलब्ध संसाधनों में गैप की एनालिसिस करते हुए जरूरत के आधार पर 238.71 करोड़ रुपये दिए गए।
प्रदेश में 37 नागर निकायों को प्रोसेसिंग फैसिलिटी के निर्माण के लिए 153.50 करोड़ पहली किस्त और नगर निगम आगरा को लिगेसी वेस्ट के लिए 8.20 करोड़ रुपये की पहली किस्त दी गई। प्रोसेसिंग सुविधा के लिए 3.52 करोड़ रुपये दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन शहरी के अंतर्गत धन की उपलब्धता व उपभोग के बारे में बताया गया कि मिशन के अंतर्गत विभिन्न मदों में 2580.5381 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 2121.9322 करोड़ निकायों को दिए गए। निकाय अब तक 1078.1189 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन शहरी में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लक्ष्य 891052 को पूरा किया जा चुका है। कम्युनिटी टॉयलेट निर्माण के 30781 लक्ष्य में 34032, पब्लिक टॉयलेट के लक्ष्य 32670 में 31351 प्रगति हासिल हो चुकी है। सभी 652 निकायों को ओडीएफ घोषित किये जा चुका है। प्रतिबंधित प्लास्टिक 731.59 टन जब्त की गई है और 10.95 करोड़ रुपये जुर्माना किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में 20 नगर निकायों को पुरस्कृत किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में इस वर्ष प्रदेश को पूरे देश में सातवां स्थान व 20 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।