राजस्व वसूली में ढिलाई पावर कॉर्पोरेशन के आठ अभियंताओं को भारी पड़ गई।
पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा के बाद खराब राजस्व वसूली पर दो अधीक्षण अभियंताओं तथा छह अधिशासी अभियंताओं को निलंबित कर दिया।
प्रबंधन ने राजस्व वसूली में रुचि न लेने वाले अभियंताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजय अग्रवाल व प्रबंध निदेशक एपी मिश्र ने शुक्रवार को पूरे दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर के अधिशासी अभियंताओं और उससे ऊपर के अधिकारियों से सीधे संपर्क साधा और कार्यों की समीक्षा की।
इस दौरान संतोषजनक राजस्व वसूली न मिलने पर आजमगढ़ के अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह, मऊ के अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार, मऊ के अधिशासी अभियंता चंद्र बली, घोसी के अधिशासी अभियंता बांके लाल, आजमगढ़ के अधिशासी अभियंता धनंजय कुमार व बीसी कुमार, महाराजगंज के अधिशासी अभियंता यूबी श्रीवास्तव तथा एटा के अधिशासी अभियंता मोहन स्वरूप को निलंबित कर दिया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अग्रवाल ने वितरण खंडों की राजस्व वसूली और थ्रू रेट की समीक्षा की।
वित्तीय पुनर्गठन योजना (एफ आरपी) में निर्धारित लक्ष्यों को न प्राप्त कर पाने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने चेताया कि 16 सितंबर को फि र समीक्षा की जाएगी और जो अधिकारी सुधार नहीं ला पाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अग्रवाल ने बिजली चोरी रोकने व लाइन हानियों में कम से कम पांच फीसदी कमी लाने के लिए प्रभावी अभियान छेड़ने, आरएपीडीआरपी के तहत ऑनलाइन बिलिंग का काम शुरू कराने और राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 22 जनपदों के लिए स्वीकृत परियोजना का कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए।