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...तो 75 हजार लोगों का सस्ते घर का सपना अगले साल होगा पूरा

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डिमांड सर्वे में 1.50 लाख ने कराया था पंजीकरण, 50 फीसदी को इस मार्च तक मिल जाएगा घर
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प्रवेंद्र गुप्ता
राजधानी में 75 हजार मकान और बन जाएं तो वर्ष 2022 तक करीब डेढ़ लाख लोगोें का सस्ते घर का सपना पूरा हो जाएगा। तीन साल पहले सस्ते मकान को लेकर हुए डिमांड सर्वे में 1.50 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया था। इनमें करीब 50 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनके पास जमीन तो थी पर घर बनाने के लिए पैसा नहीं था। इस वर्ष मार्च तक करीब 75 हजार लोगों को घर देने का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। करीब इतने ही लोगों को अगले साल तक आवास देने की तैयारी है। नगर निगम, एलडीए और आवास विकास के अलावा निजी बिल्डर भी सस्ते घर बना रहे हैं।
जरूरतमंदों को सस्ता आवास देने के लिए प्रधानमंत्री आवास और लाइट हाउस योजना चल रही है। इससे शहर में करीब दस हजार आवास बन रहे हैं। इनमें एलडीए की शारदा नगर और आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना में करीब पांच हजार घर बन चुके हैं। आवंटियों को कब्जा भी जल्द मिल जाएगा। वहीं, लाइट हाउस योजना में एक हजार से अधिक आवासों का शिलान्यास दो दिन पहले ही आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना में हुआ है।
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जमीन वालों को दिया जा रहा लोन
नगरीय विकास अभिकरण डूूडा की परियोजना अधिकारी निधि वाजपेयी बताती हैं कि पीएम आवास योजना में सस्ते मकान तो बनाकर दिए ही जा रहे हैं। उन लोगों को भी घर बनाने के लिए लोन (ढाई लाख की सब्सिडी) दिया जा रहा है, जिनके पास जमीन है। वहीं, छोटा या कच्चा मकान पक्का करने के लिए भी पैसा दिया जा रहा है।
अगले साल पूरा हो जाएगा लक्ष्य
डूडा पीओ के अनुसार, अगले साल तक लक्ष्य पूरा हो जाएगा। एलडीए, आवास विकास और नगर निगम की 25 हजार मकान बनाने की योजना है। जैसे-जैसे जमीन मिल रही है, मकान बनाए जा रहे हैं। जो 88 नए गांव नगर निगम सीमा में आए हैं, वहां के वे लोग भी योजना का लाभ ले सकेेंगे, जिनके पास जमीन है और मकान बनाना चाहते हैं। उम्मीद है कि करीब 25 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। निजी बिल्डरों को भी 20 प्रतिशत ईडब्लूएस व एलआईजी मकान बनाने हैं। वे भी पीएम आवास योजना में 10 हजार मकान बना रहे हैं और पंजीकरण कर रहे हैं। वहीं, 17 हजार लोगों को मकान बनाने के लिए पैसा दिया जा चुका है।
जरूरतमंद ही आ रहे
पीओ डूूडा ने कहा कि डिमांड सर्वे में पंजीकरण तो करीब डेढ़ लाख ने कराया, पर अब मकान के लिए वही आ रहे हैं जिन्हें वास्तव में जरूरत है। एलडीए ने दो हजार मकान का पंजीकरण खोला, पर चार हजार ही पंजीकरण आए। वहीं, साढ़े चार लाख में जो मकान दिया जा रहा है उसकी लागत नौ लाख है। ज्यादातर लोग मान रहे थे कि मकान मुफ्त में मिलेगा।
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मकान की कीमत
पीएम आवास योजना में : 4.5 लाख
लाइट हाउस योजना : 05 लाख
इस साल 50 प्रतिशत जरूरतमंदों को घर मिल जाएगा। शेष को अगले साल तक सस्ता घर देने पर तेजी से काम हो रहा है। जिनके पास जमीन है उनको पैसा दिया जा रहा है और जिनके पास जमीन नहीं है, उन्हें घर दिया जा रहा है। निजी एजेंसियां भी इस काम में लगी हैं।
- निधि वाजपेयी, परियोजना अधिकारी, डूडा
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