- इंडियन इंस्टीट्यूट आफ हैंडलूम टेकभनोलॉजी (आईआईएचटी) से तीन वर्षीय डिप्लोमा करने वाले एक शेड में 5 से 20 हथकरघा इकाई लगाते हैं तो उन्हें लागत का 75 फीसदी या अधिकतम 20 लाख रुपये प्रति व्यक्ति या प्रति समूह अनुदान मिलेगा। अगर 5 से 10 पॉवरलूम की स्थापना करते हैं तो अधिकतम 60 लाख रुपये प्रति व्यक्ति या प्रति समूह अनुदान मिलेगा।
- फ्लैटेड फैक्टरी के किराए पर 5 वर्ष तक 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इस क्षेत्र में प्लांट स्थापित करने पर एवं मशीनरी व अवस्थापना लागत का 75 फीसदी या अधिकतम 25 लाख रुपये प्रति उद्यमी अनुदान मिलेगा।
- टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन डिजाइन या फैशन ब्रांडिंग व मार्केटिंग में स्नातक को डिजाइन स्टूडियो स्थापित करने पर अधिकतम अधिकतम 30 लाख रुपये प्रति उद्यमी दिया जाएगा। मार्केटिंग कंपनी का पंजीकरण कराने और उसे स्थापित करने के लिए आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के लिए अधिकतम 50 लाख प्रति कंपनी देय होगा।
- औद्योगिक प्राधिकरणों और सरकारी विभागों की ओर से विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में वस्त्र एवं गारमेंटिंग इकाइयों के लिए भूमि लागत का 25 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। राज्य या केंद्र सरकार या उनके उपक्रमों से भूमि खरीद पर स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत और गौतमबुद्धनगर में 75 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
- प्लांट एवं मशीनरी के खरीद पर 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी। बुंदेलखंड में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी।
- अवस्थापना सुविधाओं के लिए 3 करोड़ तक का अनुदान। एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और डीजी सेटों की स्थापना के लिए 5 करोड़ तक का अनुदान।
- वार्षिक ब्याज की कुल राशि का 60 प्रतिशत ब्याज उपादान।
- नई इकाइयों को इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट 10 वर्षों तक।
- मेगा एवं सुपर मेगा गारमेंटिंग इकाइयाें को 3200 रुपये प्रति श्रमिक प्रति माह रोजगार सृजन अनुदान और माल भाड़े में छूट 5 वर्षों तक।
- रेशम रीलिंग इकाई को 20 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी।
- पीएम मित्र पार्क में स्थापित वस्त्र इकाइयाें के लिए बिजली टैरिफ में 2 प्रतिशत प्रति यूनिट की छूट 5 वर्ष तक। इस अनुदान की सीमा प्रति इकाई प्रति वर्ष 60 लाख रुपये होगी।
- नए एक्सपोर्ट हाउस या कंपनी शुरू करने पर पंजीकरण शुल्क की 75 प्रतिशत प्रतिपूर्ति। अवस्थापना सुविधाओं के लिए परियोजना लागत का 75 फीसदी अनुदान।
- 20 लाख रुपये प्रति बायर-सेलर मीट व्यय किया जाएगा। निर्यात से संबंधित संस्था अगर अपने स्तर से यह आयोजन कराती है तो अधिकतम 10 लाख की प्रतिपूर्ति।
- प्रदेश के दो बड़े महानगरों में फैशन शो होगा। अधिकतम 20 लाख रुपये प्रति शो खर्च किया जाएगा।
- प्रति वर्ष 14 दिवसीय यूपी हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो पर 70 लाख रुपये व्यय।