अब जिला जेल में पूर्व विधायक का उत्पात
बहराइच। पूर्व विधायक दिलीप वर्मा अब जेल प्रशासन के लिए भी सिरदर्द बन गए हैं। सोमवार सुबह कारागार में निरुद्ध पूर्व विधायक जेलर के कक्ष में जाकर उनकी कुर्सी पर बैठ गए।
डिप्टी जेलर ने विरोध किया तो अपशब्दों का प्रयोग कर अभद्रता की। पूरे जेल प्रशासन को सस्पेंड कराने की धमकी तक दे डाली। जेल प्रशासन ने किसी तरह स्थिति संभाली।
कारागार प्रशासन ने मामले में जिलाधिकारी को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत कराते हुए जेल की सुरक्षा को खतरा बताया है।
वहीं कोतवाली देहात में इस मामले की तहरीर दी गई है। अधिकारियों ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
नानपारा तहसीलदार को पीटने व सीओ से अभद्रता करने के आरोपी पूर्व विधायक दिलीप वर्मा जिला जेल में निरुद्ध हैं। सोमवार सुबह पूर्व विधायक कारागार में जेलर बीके शुक्ल के कक्ष में जाकर उनकी कुर्सी पर बैठ गए।
मौके पर मौजूद डिप्टी जेलर एसके त्रिपाठी ने विरोध किया तो पूर्व विधायक ने अपशब्दों की बौछार कर दी। डिप्टी जेलर के टोकने पर पूरे कारागार प्रशासन को निलंबित कराने और शासन से कार्रवाई कराने तक की धमकी दे डाली।
इससे अफरातफरी की स्थिति बन गई। जिला कारागार में पहले से निरुद्ध कई बंदी और कैदी भी पूर्व विधायक के पक्ष में आ गए। इससे कारागार के अंदर स्थिति काफी नाजुक हो गई।
किसी तरह कारागार प्रशासन के अधिकारियों ने हालात को काबू में किया। जेलर ने डीएम माला श्रीवास्तव को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराते हुए कारागार में निरुद्ध पूर्व विधायक दिलीप वर्मा से जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को खतरा बताया है।
कहा है कि कारागार में उपद्रव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कारागार प्रशासन ने इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है।
कारागार प्रशासन ने डीएम को भेजे पत्र में ये भी लिखा है कि पूर्व विधायक से मिलने के लिए कारागार के बाहर हर समय 15 से 20 लोग मौजूद रहते हैं। इससे कारागार की व्यवस्थाएं और भी प्रभावित हो रही हैं।
जेलर की ओर से कोतवाली देहात को भी पत्र भेजा गया है। जिसमें अवगत कराया गया है कि जेल में निरुद्ध पूर्व विधायक दिलीप वर्मा उत्पात करते हुए बार-बार कमरा बदलने की मांग कर रहे हैं।
कुछ अन्य बंदी व कैदी भी उनका साथ दे रहे हैं। ऐसे में कारागार में विवाद और उपद्रव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रभारी निरीक्षक आरपी सोनकर ने बताया कि पत्र मिला है। कार्रवाई के लिए एसपी को भेजा गया है।
इस बारे में डीएम माला श्रीवास्तव का कहना है कि जेल प्रशासन की ओर से पूर्व विधायक दिलीप वर्मा के मामले में पत्र भेजा गया है।
पत्र कार्यालय में है। मैं इस समय बाहर हूं। देर रात पहुंचकर पत्र का अध्ययन करने के बाद समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करूंगी। जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।
वहीं, एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर का कहना है कि जिला जेल के बाहर सिविल पुलिस के कुछ जवान पहले से ही ड्यूटी पर मौजूद रहते हैं। पूरे मामले की जांच करके अगर जरूरत हुई तो और फोर्स मुहैया कराएंगे। फोर्स की कोई कमी नहीं है।
उधर जिला जेल में निरुद्ध पूर्व विधायक दिलीप वर्मा की तबीयत सोमवार देर रात अचानक बिगड़ गई। जेलर वीके शुक्ल ने बताया कि सोमवार रात पूर्व विधायक दिलीप वर्मा ने तबीयत खराब होने की बात कही। इस पर जेल के डॉक्टर को दिखाया गया।
उन्हें ब्लड प्रेशर लो होने के साथ ही बुखार था। प्राथमिक उपचार के बाद पूर्व विधायक को रात आठ बजे जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया गया है।
डॉ. परितोष ने बताया कि ब्लड प्रेशर और बुखार के साथ ही पूर्व विधायक की शुगर भी लो है। बीमारी की सूचना पाकर पूर्व विधायक के समर्थक भी अस्पताल पहुंचने लगे। देर रात पूर्व विधायक को लखनऊ रेफर कर दिया गया।