बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी रविवार को है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। चौथी में शामिल होने के लिए विभिन्न जिलों और प्रांतों से अकीदतमंद का हुजूम फिर उमड़ने लगा है।
जायरीन जत्थों में चित्तौरा झील के तट पर पहुंचने लगे हैं। वहां से गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए मजार शरीफ पर हाजिरी लगा रहे हैं।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की अंतिम चौथी में दो दिन शेष है। ऐसे में गाजी की दरगाह पर जियारत के लिए लोगों का रेला उमड़ने लगा है।
भीषण गर्मी के मद्देनजर दरगाह प्रबंध समिति भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि पश्चिम बंगाल, नेपाल, बिहार, रांची, दिल्ली, राजस्थान, आजमगढ़, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बस्ती से जायरीन जत्थों में पहुंच रहे हैं।
अब तक लगभग एक लाख से अधिक जायरीन मेला परिसर में एकत्रित हो चुके हैं। चित्तौरा झील के तट पर भी काफी संख्या में जायरीन डेरा डाले हुए हैं।
वहां से निशान हाथों में लेकर गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए जायरीन मजार शरीफ पर हाजिरी लगा रहे हैं। रविवार सुबह अंतिम चौथी के लिए जियारत का सिलसिला शुरू हो जाएगा।