बाराबंकी। नगर पालिका परिषद के सदन तक पहुंचने के लिए चुनावी जीत की राह भले ही पहली महिला अध्यक्ष शशी श्रीवास्तव के लिए आसान रही हो, लेेकिन आगे का रास्ता कांटों भरा दिखाई दे रहा है। भले ही जिले की एक मात्र नगर पालिका परिषद पर किसी प्रकार के कर्ज का कोई बोझ न हो, लेकिन सफाई कर्मियों का वेतन समय पर नहीं मिल पा रहा है। ऊपर से पालिका क्षेत्र में शामिल नौ ग्राम पंचायतों को शहरी क्षेत्र की तरह सुख सुविधाएं मुहैया कराने के लिए भी नए अध्यक्ष की चुनौती आसान दिखती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में शहरवासियों पर बिना बोझ डाले नई चेयरमैन को शहर की सूरत बदलने के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा।
प्रदेश व केेंद्र में पार्टी की सरकार होने के चलते नई अध्यक्ष से शहरवासियों को अब और उम्मीदें बढ़ गई हैं। नगर पालिका पर वर्तमान समय में सिर्फ सफाई व्यवस्था कराने वाले ठेकेदारों व वाहनों में प्रयोग वाले ईंधन का ही मामूली बकाया है। इसके अतिरिक्त करीब 84 लाख रुपये सफाई कर्मियों, अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन पर खर्चा होता है। शहर में अतिक्रमण, गंदगी व जर्जर सड़कों को सही कराने का किया गया वादा भी अब पूरी तरह सफल करना अध्यक्ष के लिए एक नई चुनौती होगी। इस नए नगर पालिका परिषद बोर्ड को अब शहरवासियों पर बिना बोझ डाले वॉटर व हाउस टैक्स वसूलने के लिए प्रयास करना कठिन होगा।
सीमा क्षेत्र में शामिल गांवों को बनाना होगा शहर
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व नगर पालिका परिषद की सीमा में शामिल हुईं आसपास की नौ ग्राम पंचायतों में शहरी सुविधाएं मुहैया करना किसी चुनौती से कम नहीं है। अभी तक ग्राम पंचायत स्तर पर मिलने वाली सुुविधाएं यहां के निवासियों को मिलती रही हैं। लेकिन यहां के ग्रामीण अब शहरी हो गए हैं। ऐसे में इन सभी ग्राम पंचायतों में बनी जर्जर सड़कों को सही कराने, शुद्ध पेयजल, जनरेटर से विद्युत व्यवस्था आदि सहित कई अन्य शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना अध्यक्ष शशी श्रीवास्तव के लिए चुनौती होगी। प्रधान चुनने वाले यहां के मतदाता अब पहली बार सभासद को चुनकर दोनों से खासी उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन सड़क, पानी, बिजली की बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पालिका बोर्ड के पास फूटी कौड़ी भी नहीं है। उसे अब केंद्र व प्रदेश सरकार के सहारे ही रहना पड़ सकता है।
अतिक्रमण हटाने के साथ व्यापारियों का रखना होगा ध्यान
शहर पूरी तरह से अतिक्रमण की चपेट में है। प्रशासन द्वारा पूर्व में कई बार की गई कड़ी कार्रवाई के बाद भी आज की स्थिति पूर्व की तरह ही है। अतिक्रमण अभियान के दौरान कई बार व्यापारी वर्ग इससे खासा नाराज भी हुुआ है। नगर पालिका परिषद द्वारा शहर के अंदर अतिक्रमण को हटाकर सुगम मार्ग बनाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। अतिक्रमण हटाने से पूर्व व्यापारी वर्ग का भी ध्यान अध्यक्ष के साथ पालिका बोर्ड को रखना होगा। शहर के धनोखर चौराहे से लेकर घंटाघर व उसके आगे का मार्ग पूरी तरह से अतिक्रमण की गिरफ्त में हैं। जिससे आम लोगों को आने जाने में कठिनाइयों के बीच से गुजरना पड़ता है। नई अध्यक्ष व परिषद बोर्ड को अतिक्रमण हटाने से पूर्व पटरी दुकानदारों के लिए किसी एक स्थान की व्यवस्था करना भी चुनौती से कम नहीं है।
शहर को चमकाना नहीं होगा आसान
नई अध्यक्ष व पालिका बोर्ड को शहर की सूरत बदलने के लिए माथापच्ची करनी होगी। सफाईकर्मियों की भर्ती के साथ ही संसाधनों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी करनी होगी। लेकिन सवाल यह उठता है कि खजाना खाली होने के बाद शहर का सूरतेहाल बदलना चुनाती से कम नहीं है। सड़कों के किनारे बने कूड़ा घर को हटाने और प्रतिदिन सफाई व्यवस्था पर फोकस करना भी नई अध्यक्ष व पालिका बोर्ड के लिए आसान नहीं होगा। नगर पालिका में सफाईकर्मियों की भारी कमी और कम संसाधन इसमें खासा रोड़ा बन रहे हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार व उसी पार्टी की पालिका अध्यक्ष होने के चलते शहरवासी अब यह उम्मीद लगाए हैं कि स्वच्छ व सुंदर बाराबंकी का सपना साकार होगा।
जल्द तय होगी शपथ ग्रहण की तिथि
नगर पालिका परिषद में चुन कर आने वाली पहली महिला अध्यक्ष के साथ ही नए सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह की तिथि जल्द ही घोषित होने वाली है। बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण में सांसद, विधायकों के साथ-साथ प्रभारी मंत्री भी शामिल होंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव बताते हैं कि जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी द्वारा शपथ ग्रहण की तिथि घोषित होते ही भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार अन्य निकायों में भी चुन कर आने वाले अध्यक्षों व सदस्यों का शपथ ग्रहण को लेकर जल्द ही तिथि घोषित होंगी।
जनता की सुख सुविधाओं का रखा जाएगा ध्यान
कोशिश रहेगी कि शहर के हर कोने में विकास पहुंचे। बगैर किसी भेदभाव के सड़क, बिजली, पानी समेत हर सुख सुविधाएं शहरवासियों को मुहैया कराई जाएंगी। पालिका में शामिल गांवों को भी चमकाना हमारी प्राथमिकता में होगा। विकास के लिए प्रदेश सरकार की भी मदद ली जाएगी।
- शशी श्रीवास्तव, नव निर्वाचित अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद नवाबगंज