बाराबंकी। एक व्यापारी से दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में रेलवे स्क्रैप के साथ फतेहपुर जिले में खादान के काम को लेकर कथित रूप से 71 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए गए। पीड़ित ने फतेहपुर जिले के डीएम के नाम से जारी फर्जी सहमति पत्र प्रस्तुत करने के साथ वहीं पर जेल में बंद खनन माफिया व कौशांबी में खनन को लेकर चल रही सीबीआई जांच का सामना कर रहे दो लोगों के नाम भी उजागर किए हैं। एसपी के निर्देश पर साइबर थाने में छह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
लखनऊ के सी-56 विभूतिखंड गोमतीनगर में कार्यालय चलाने वाले बाराबंकी के रणविजय सिंह ने एसपी से शिकायत कर बताया कि दिसंबर, 2020 में उनकी मुलाकात मूल रूप से पंजाब व वर्तमान में कौशांबी जिले में रह रहे हरवीर सिंह उर्फ काके सरदार, अयोध्या नगर हुजूर भोपाल निवासी मदन गुप्ता, रामघाट जिला चित्रकूट निवासी चंदन दीक्षित व कौशांबी के ही प्रेमचंद्र केसरवानी व दो अज्ञात लोगों से हुई थी। इन लोगाें ने बताया था कि इनका रेलवे में स्क्रैप का काम दिल्ली, उप्र व अन्य जगहों पर चल रहा है।
इसी के साथ इन लोगों ने फतेहपुर जिले के डीएम द्वारा दो खादानों के खनन का पट्टा प्राप्त होने की बात कहकर सहमति पत्र दिए। इसपर रणविजय ने झांसे में आकर पहले 20 लाख रुपये नकद व बाद में 51 लाख 50 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किया। लेकिन इसके बाद वे टालते रहे। इस दौरान रणविजय को मौरंग के डंप का एग्रीमेंट दिया गया। जिससे कोई पैसा नहीं मिला।
पीड़ित के अनुसार उन्होंने इस पूरे मामले की तहकीकात की तो डीएम फतेहपुर द्वारा जारी किया गया सहमति पत्र फर्जी निकला। आरोप लगाया कि आरोपियों के संबंध फतेहपुर जेल में बंद खनन माफिया मनीष ओझा से है। जिसकी मिलीभगत से यह लोग दूसरों का पैसा हड़पते हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों में से काके सरदार के खिलाफ कौशांबी में सीबीआई जांच भी चल रही है। एसपी के निर्देश पर बाराबंकी के साइबर थाना में ठगी, कूटरचना, धमकाने आदि के आरोप में छह लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
गोंडा के व्यक्ति से भी हुई ठगी
एफआईआर दर्ज कराने वाले रणविजय सिंह ने अपनी तहरीर में बताया कि गोंडा जिले के पंकज मिश्रा को भी फतेहपुर डीएम द्वारा जारी फर्जी दस्तावेज देकर ठगी की गई। जिसकी एफआईआर बीते जुलाई माह में ही दर्ज हुई है।
कौशांबी व फतेहपुर भी जाएगी पुलिस
71 लाख की ठगी के मामले में आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपों को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। बाराबंकी पुलिस कौशांबी व फतेहपुर जिलों में भी जाकर जांच करेगी।
- विजयवीर सिंह सिरोही, एसएचओ साइबर थाना बाराबंकी