बाराबंकी। जिले में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के बनने के बाद जिले की करीब नौ लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
जिला योजना से मंजूरी मिलने के बाद अब इन सीएचसी के निर्माण के लिए विभाग ने प्रस्तावित स्थलों पर जमीन की तलाश तेजी के साथ शुरू कर दी है।
जिले में अभी तक 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और करीब 53 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। सात और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बनने से जिले में सीएचसी की संख्या बढ़कर 26 हो जाएगी।
विभाग भी इन अस्पतालों का तेजी से निर्माण कराने को प्रयासरत है। इन सात सीएचसी के निर्माण पर करीब 25 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी और इससे क्षेत्र के आसपास की करीब नौ लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
क्योंकि यहां पर अभी तक अस्पताल न होने की वजह से लोगों को उपचार के लिए ब्लॉक मुख्यालयों पर बने अस्पतालों या फिर निजी डॉक्टरों के पास जाना पड़ता था।
इससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। मगर इन सीएचसी के बन जाने के बाद यहां की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। जिला योजना से इन अस्पतालों की स्वीकृति मिलने के बाद अब इनके भवनों के निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थानों पर भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है।
बनीकोडर ब्लॉक के मेडुवा और देवीगंज, सूरतगंज ब्लॉक के लालपुर करौता, पूरेडलई के मंगरौडा, रामनगर के जलुहामऊ, देवा ब्लॉक के सिसवारा और दरियाबाद ब्लॉक के इटौरा में सीएचसी का निर्माण होना है। इनके भवनों के निर्माण पर करीब 25 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी।
सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से सात नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने हैं। जिला योजना में इसकी स्वीकृति मिल गई है।
अब इनके भवनों के निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थलों पर जमीन की तलाश की जा रही है। इन अस्पतालों के बनने से इस क्षेत्र की करीब नौ लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।