सरकार की तरफ से एकल न्यायाधीश के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें भर्ती परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 45 व आरक्षित के लिए 40 फीसदी रखने के आदेश दिए गए थे। छह जनवरी, 2019 को हुई भर्ती परीक्षा के तुरंत बाद 7 जनवरी को राज्य सरकार ने इसमें अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 65 व आरक्षित के लिए 60 फीसदी तय किए थे। इसी के खिलाफ कुछ अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे थे और एकल पीठ ने सरकार को आदेश दिए थे। इससे शिक्षामित्रों व कम अंक प्रतिशत लाने वाले अभ्यर्थियों को राहत मिली थी। भर्ती के लिए 5 दिसंबर, 2018 को शासनादेश जारी कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी।