लखनऊ। साइबर जालसाजों ने ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर कारोबारी अभिनव और उनके दोस्त से 64.84 लाख रुपये ठग लिए। अभिनव ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर कराई है। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना बृजेश यादव ने बताया कि इंदिरानगर के सेक्टर-8 निवासी कारोबारी अभिनव सुल्तानिया से कुछ समय पहले विकास चौधरी नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया। उसने खुद को मल्टी लेवल मार्केटिंग से जुड़ा बताया। उसने बताया कि कंपनी फॉरेक्स ट्रेडिंग के महारथी लविश चौधरी की है। इसका भारत में मुख्य एजेंट नवीन नेगी है।
कंपनी में निवेश पर करीब 15 प्रतिशत मासिक लाभ का झांसा दिया। जाल में फंसे अभिनव ने चार डिमैट खाते और उनके मित्र गौरव ने तीन अकाउंट खोले। पीड़ित ने बताया कि आरोपी रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराते थे। इसके बदले क्रिप्टो करेंसी खरीदकर उनके खातों में ट्रांसफर करते थे। जालसाजों ने कई बार में 64.84 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
शुरुआत में मुनाफा दिखता रहा। पीड़ित ने जब निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपी टालमटोल करने लगे। छानबीन में पीड़ित को पता चला कि लविश चौधरी ट्रेडिंग घोटाले का आरोपी है। उसके खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर है। 26 मार्च को अभिनव ने नवीन नेगी और विकास चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि जालसाजों ने उनसे 46,57,805 रुपये और गौरव से 18,26,195 रुपये की ठगी की है। इंस्पेक्टर साइबर क्राइम ने बताया कि जालसाजों के चार मोबाइल नंबर भी दिए हैं। सर्विलांस से उनका पता लगाया जा रहा है।