बहराइच। जिले में जल्द ही सड़कों की सूरत बदलेगी। अभी जिले में आधे से अधिक सड़कें जर्जर हैं। पीडब्ल्यूडी ने इन सड़कों का मुआयना कराया है। जल्द ही इन सड़कों की मरम्मत व कुछ नई सड़कों का निर्माण होगा। इस काम में करीब 150 करोड़ का बजट खर्च होने का अनुमान है।
जिले के 14 विकासखंडों व जिला मुख्यालय समेत विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन के लिए 2220 मार्ग चिन्हित हैं। इन मार्गों की लंबाई 47 लाख 96 हजार 860 किलोमीटर है। शासन ने बीते वर्ष ही मार्गों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। कागजों पर मार्ग दुरुस्त हो गए। लेकिन इस समय हालात ये हैं कि कई मार्गों पर पैदल चलना भी दुश्वार है।
खुटेहना-गिलौला, हुजूरपुर, पयागपुर-हुजूरपुर, पयागपुर-इकौना, विशेश्वरगंज, कैसरगंज-हुजूरपुर, हरखापुर-सुजौली, मिहींपुरवा-बिछिया मार्ग, मिहींपुरवा-मटेही मार्ग, परवानीगौढ़ी-ऐंचुआ मार्ग, मटेरा-नवाबगंज, नवाबगंज-रुपईडीहा, इटहा मार्ग, शिवपुर-महसी मार्ग समेत 1200 मार्ग ऐसे हैं, जो गड्ढों में तब्दील हैं।
इन मार्गों के मामले में शासन की ओर से रिपोर्ट मांगी गई है। लोक निर्माण विभाग ने सर्वेक्षण कार्य शुरू करवाया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया, शासन के निर्देश पर आरईएएस, जिला पंचायत व विकास विभाग के अधिकारियों के सहयोग से सर्वेक्षण कार्य शुरू कराया गया है।
सड़कों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मिलने पर शासन को पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद क्षतिग्रस्त चिन्हित मार्गों के मरम्मत और नए निर्माण की कवायद शुरू होगी। उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। फिर भी सड़कों की जो स्थितियां हैं, उसके अनुरूप लगभग 150 करोड़ से अधिक का बजट खर्च होने की उम्मीद है।
सर्वे कार्य पर नोडल अधिकारी रख रहे नजर
क्षतिग्रस्त सड़कों के सर्वे कार्य के लिए लखनऊ के लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शिव प्रसाद व रामसूरत सिंह को जिले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे चिन्हित मार्गों की स्थिति जांचने के बाद उसकी फोटोग्राफी भी करा रहे हैं।
ग्राम प्रधानों से भी मांगी गई रिपोर्ट
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि लिंक मार्गों के गड़बड़ होने के मामले में ग्राम प्रधानों से भी रिपोर्ट मांगी गई है। सभी 1054 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को इस मामले में पत्र लिखा गया है। जिससे क्षतिग्रस्त मार्गों की सही स्थिति और खुलकर सामने आ सकेगी।
जर्जर सड़कों की दे सकते जानकारी
जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कार्य हो रहा है। लेकिन अगर अधिकारी हीलाहवाली करते हैं या क्षतिग्रस्त मार्गों को सर्वे में शामिल नहीं किया जाता तो क्षेत्र के नागरिक नोडल अधिकारी को इस मामले में सूचना दे सकते हैं। संबंधित सड़क को सर्वे में शामिल कर उसे संवारा जाएगा। इसके लिए नोडल अधिकारी के मोबाइल 9415517852, 9415136560 पर अवगत कराया जा सकता है।